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इलिया में बिजली संकट: रात में फाल्ट तो पूरी रात अंधेरा, मैकेनिक न होने से 40 गांवों के ग्रामीण बेहाल

चंदौली के इलिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 40 गांवों में रात के समय बिजली गुल होने पर मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। मैकेनिकों की कमी के कारण छोटे फाल्ट भी पूरी रात ठीक नहीं होते, जिससे भीषण गर्मी में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।

 
 

रात में फाल्ट होने पर मरम्मत की कोई सुविधा नहीं

इलिया उपकेंद्र के 40 गांवों में पूरी रात अंधेरा

बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की उमस में बढ़ी मुसीबत

विभाग में रात्रिकालीन ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का अभाव

ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की कड़ी चेतावनी

चंदौली जनपद के इलिया विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 40 गांवों के लिए रात का समय किसी सजा से कम नहीं रह गया है। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में यदि रात के समय बिजली की लाइन में कोई खराबी या फाल्ट आता है, तो उसे ठीक करने के लिए विभाग के पास कोई मैकेनिक मौजूद नहीं रहता। नतीजतन, हजारों की आबादी को पूरी रात उमस और अंधेरे में गुजारनी पड़ती है।

मैकेनिक के अभाव में सुबह तक का इंतज़ार
ग्रामीणों का आरोप है कि दिन के समय तो आपूर्ति किसी तरह बहाल कर दी जाती है, लेकिन रात होते ही सिस्टम भगवान भरोसे हो जाता है। यदि रात में कहीं तार टूट जाए या ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग हो जाए, तो शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। विभाग की ओर से जवाब मिलता है कि मैकेनिक सुबह ही आएगा। एक छोटे से फाल्ट की वजह से 40 गांवों के लोग पूरी रात सो नहीं पा रहे हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है।

बीमारों और बच्चों पर भारी पड़ रही लापरवाही
इस अघोषित कटौती और लचर मरम्मत व्यवस्था का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों पर पड़ रहा है। बिना पंखे और कूलर के बंद कमरों में रात काटना जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

जेई ने जताई बेबसी: शासन से नहीं है ड्यूटी की व्यवस्था
इस पूरे प्रकरण पर जब इलिया उपकेंद्र के अवर अभियंता (जेई) विनोद कुमार से बात की गई, तो उन्होंने विभाग की बेबसी उजागर की। जेई ने बताया कि शासन स्तर से रात्रिकालीन ड्यूटी (Night Duty) के लिए किसी भी मैकेनिक या लाइनमैन की तैनाती का प्रावधान नहीं है। यही कारण है कि रात में तकनीकी समस्या आने पर उसे तुरंत ठीक करना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

आंदोलन की राह पर ग्रामीण
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद भी सुधार न होने पर अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है। क्षेत्र के लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रत्येक फीडर पर रात्रिकालीन ड्यूटी के लिए कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई, तो वे चक्का जाम और विभागीय कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए और रात में भी मरम्मत की सुविधा सुनिश्चित करे।

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