25 अगस्त को चंदौली पहुंचेगी पूर्वांचल साइकिल यात्रा, रोजगार को लेकर चंदौली और मुगलसराय में होगा जनसंपर्क
रोजगार अधिकार अभियान के तहत पूर्वांचल यात्रा पर निकले युवा 25 अगस्त को चंदौली और मुगलसराय पहुंचेंगे। अजय राय ने कहा कि कॉर्पोरेट संपत्ति पर टैक्स लगाकर जन कल्याण का बजट बढ़ाया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें!
25 अगस्त को चंदौली पहुंचेगी यात्रा
कॉर्पोरेट संपत्ति पर टैक्स लगाने की मांग
सरकारी विभागों में खाली पद भरने की मांग
बुनकर और एमएसएमई उद्योगों को मदद मिले
शिक्षा और स्वास्थ्य बजट बढ़ाने पर जोर
जवाबदेह सरकार और रोजगार के संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर निकाला जा रहा 'रोजगार अधिकार अभियान' 25 अगस्त को चंदौली और मुगलसराय पहुंचेगा। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) की राष्ट्रीय समिति के सदस्य अजय राय ने बताया कि 9 अगस्त को मिर्जापुर से शुरू हुई पूर्वांचल साइकिल यात्रा 10 जिलों में लगातार संवाद कर रही है। यह दल युवाओं, छात्रों, बुनकरों, वकीलों और आम नागरिकों से संपर्क कर रहा है।
संसाधनों की कमी नहीं, कॉर्पोरेट पर टैक्स लगाए सरकार
अजय राय ने कहा कि देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। यदि सरकार इच्छाशक्ति दिखाए और कॉर्पोरेट घरानों की संपत्ति पर टैक्स लगाए, साथ ही काली पूंजी की अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण करे, तो बजट का दायरा बहुत बढ़ाया जा सकता है। इससे हर नागरिक को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और भूमिहीनों को आवास जैसे संवैधानिक अधिकार दिए जा सकते हैं।
बुनकरों के लिए विशेष बजट और एमएसएमई को संरक्षण की मांग
अभियान के दौरान एमएसएमई (कुटीर व छोटे) उद्योगों के संरक्षण और बुनकरों के लिए विशेष बजट प्रावधान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। अजय राय ने बताया कि देश के सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों में करीब एक करोड़ पद खाली पड़े हुए हैं। डाउनसाइज़िंग करके सरकार लगातार पदों को खत्म कर रही है, जिससे युवाओं में भारी निराशा है।
पेपर लीक से अवसाद में युवा, पारदर्शी भर्ती की जरूरत
उन्होंने कहा कि जो थोड़ी-बहुत भर्तियां निकलती भी हैं, वे पेपर लीक और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं। इससे युवा अवसाद में जी रहे हैं और आत्महत्या तक करने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में सरकार को सभी खाली पदों पर पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती तुरंत शुरू करनी चाहिए।
शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में कटौती पर उठाए सवाल
अजय राय ने आरोप लगाया कि बीते एक दशक में शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट में लगातार कटौती हुई है, जिससे शिक्षा बजट आधे से भी कम हो गया है। मेक इन इंडिया और कौशल विकास जैसे कार्यक्रम पूरी तरह बेअसर साबित हुए हैं। देश में लगभग एक लाख प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में सरकार को अपनी नीतियों में तुरंत बदलाव करना चाहिए।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








