शिकायत कर्ता का आरोप निकला निराधार, आशा भर्ती की प्रक्रिया पर शिकायत फर्जी
शहाबगंज में आशा भर्ती घोटाले के आरोप हुए निराधार
जांच में सामने आई सच्चाई
शिकायतकर्ता मिथिलेश कुमार सिंह के आरोप निराधार
चंदौली जिले के शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पूर्व प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. निलेश मालवीय पर लगाए गए आशा भर्ती घोटाले के आरोप जांच में झूठे और बेबुनियाद निकले। शिकायतकर्ता मिथिलेश कुमार सिंह, निवासी बडौरा गांव, द्वारा दर्ज की गई शिकायत के क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से मामला संज्ञान में लिया, लेकिन जांच परिणामों ने शिकायतकर्ता के आरोपों को खारिज कर दिया।

शिकायत में आरोप था कि डॉ. मालवीय ने फर्जी व्यक्तियों को नियुक्त कर आशा भर्ती में अनियमितता की है। मामले की जांच नोडल जिला कम्यूनिटी प्रोसेस प्रबंधक द्वारा की गई, जिन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया के बीच ही डॉ. मालवीय को पद से हटा दिया गया था, जिससे चयन प्रक्रिया पूर्ण ही नहीं हुई थी।
डॉ. निलेश मालवीय ने भी लिखित बयान में स्पष्ट किया कि उनके द्वारा किसी प्रकार की भर्ती सूची मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी ही नहीं गई थी। मुख्य चिकित्साधिकारी चंदौली द्वारा अपर निदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण वाराणसी और मुख्य विकास अधिकारी को इस बाबत स्पष्टीकरण पत्र भेज कर अवगत भी कराया गया।

जांच के निष्कर्ष में कहा गया है कि मिथिलेश कुमार सिंह द्वारा लगाया गया आशा भर्ती में धांधली व धन वसूली का आरोप निराधार है। इस संबंध में वर्तमान प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे नवीन आशाओं का चयन नियमानुसार पूर्ण कर सूची जिला मुख्यालय को भेजें।
यह मामला दर्शाता है कि पारदर्शिता और साक्ष्य आधारित जांच से न केवल निर्दोषों को राहत मिलती है, बल्कि झूठे आरोप लगाने वालों को भी सच्चाई का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की सक्रियता ने एक बार फिर न्यायिक व्यवस्था पर जन विश्वास को मजबूत किया है।
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