कब और कौन सुनेगा प्रदर्शन कर रहे लोगों की फरियाद, कर रहे हैं चकबंदी कराने की मांग
तेज बारिश में भी डटे रहे किसान
चकबंदी विभाग की लापरवाही के खिलाफ कर रहे प्रदर्शन
तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना रहा जारी
चंदौली जिले के शहाबगंज में चकबंदी विभाग की घोर लापरवाही से नाराज किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शहाबगंज के बयापुर गांव में शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। सुबह से हो रही तेज बारिश के बावजूद किसान टस से मस नहीं हुए, जो विभागीय उपेक्षा के प्रति उनके गहरे आक्रोश को दर्शाता है।
किसानों का आरोप है कि पिछले छह वर्षों से उनकी जमीन की नापी (माप) नहीं की गई है। नापी न होने के कारण वे अपनी ही जमीन पर कब्जा नहीं पा सके हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है।

विभागीय उदासीनता से किसान परेशान
बयापुर और रामपुर गांव के किसान, जिनमें श्यामा देवी, भास्करानंद, विवेकानंद और शान्ध्रानंद शामिल हैं, की जमीन की नापी लंबे समय से लंबित है। किसानों ने बताया कि उन्होंने चकबंदी सीओ कार्यालय और एसओसी (बंदोबस्त) कार्यालय के कई बार चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उन्हें विभागीय उदासीनता का सामना करना पड़ा और कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अपनी समस्या का समाधान न होता देख, किसानों ने 18 सितंबर को जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र सौंपा था, लेकिन उससे भी कोई नतीजा नहीं निकला। प्रशासन की इस निष्क्रियता के विरोध में, किसानों ने भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन (अ) के बैनर तले विरोध का रास्ता अपनाया।
शांतिपूर्ण समाधान तक जारी रहेगा धरना
यूनियन के जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव के नेतृत्व में किसान धरने पर बैठे हैं। धरने में दीनानाथ श्रीवास्तव, श्यामलाल भारती, अजय भारती, महदेई भारती, विक्रम भारती सहित कई किसान शामिल रहे।

जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनका यह धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा, लेकिन यह तब तक नहीं रुकेगा जब तक प्रशासन किसानों की इस लंबित समस्या का समाधान नहीं कर देता। उन्होंने कहा कि जब किसान अपनी ही जमीन पर अधिकार पाने के लिए सालों से भटक रहे हैं, तो उनके पास धरना ही अंतिम रास्ता बचता है।
तेज बारिश और ठंडे मौसम में भी किसानों का यह दृढ़ संकल्प दिखाता है कि चकबंदी विभाग की लापरवाही ने उन्हें किस कदर परेशान कर रखा है। किसानों का यह आंदोलन स्थानीय प्रशासन पर जल्द से जल्द नापी और कब्ज़े की प्रक्रिया पूरी करने का दबाव बना रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब हरकत में आता है और इन परेशान किसानों को उनकी वर्षों से लंबित जमीन पर अधिकार दिलाता है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








