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40 साल से नहीं हुई धनरियां माइनर की सफाई, बरांव में किसान विकास मंच का बड़ा प्रदर्शन

चंदौली के बरांव गांव में किसान विकास मंच ने धनरियां माइनर की बदहाली को लेकर भीषण गर्मी में प्रदर्शन किया। आरोप है कि 40 वर्षों से इस माइनर के उत्तरी हिस्से की सफाई नहीं हुई है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं।
 
 

40 साल से धनरियां माइनर की सफाई न होने का आरोप

तपती धूप में बरांव गांव में किसानों का जोरदार प्रदर्शन

बांस, बबूल और खर-पतवार से पूरी तरह पटी है नहर

नहर सफाई का नया नवंबर-दिसंबर रोस्टर पूरी तरह अव्यवहारिक

सफाई न होने पर अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल की बड़ी चेतावनी

चंदौली जिले में सिंचाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। जनपद के बरांव गांव के पास किसान विकास मंच के बैनर तले कार्यकर्ताओं और स्थानीय किसानों ने भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच धनरियां माइनर की घोर दुर्दशा को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मेन राइट कैनाल से निकली यह महत्वपूर्ण धनरियां माइनर वर्तमान में पूरी तरह लावारिस और बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है।

इस माइनर की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर क्षेत्र के दर्जनों गांवों की कृषि और सिंचाई पूरी तरह निर्भर है। इसके बावजूद, प्रशासनिक उदासीनता के कारण किसान पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह और सुरेश मौर्य ने खुद मौके पर जाकर नहर का स्थलीय निरीक्षण किया।

40 साल से नहीं हुई पुल के उत्तरी हिस्से की सफाई, फसलों को भारी नुकसान
मौके पर मौजूद जागरूक किसान मनोज कुमार गुप्ता और दिलीप शर्मा ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बरांव गांव के दक्षिण की तरफ सिंचाई विभाग द्वारा नाम मात्र के लिए कभी-कभार सफाई कराई भी जाती है, लेकिन गांव के पुल के उत्तर की तरफ पिछले 40 सालों से लगातार एक बार भी सफाई का कार्य नहीं कराया गया है। सफाई न होने के कारण यह पूरी नहर बांस, बबूल, कनेर, बकाइन के पेड़ों और जंगली खर-पतवार से पूरी तरह पट चुकी है।

kisan vikas manch

नहर जाम होने के कारण किसानों को जरूरत के समय फसलों के लिए पानी नहीं मिल पाता। वहीं, रबी के सीजन में जब पानी छोड़ा जाता है, तो घास, झाड़-झंखाड़ और पेड़ों के अवरोध के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पाता। नतीजा यह होता है कि नहर की पटरियां टूट जाती हैं और खेतों में जलजमाव हो जाता है। इससे किसानों की मसूर, चना, मटर, सरसों और गेहूं की खड़ी फसलें सड़कर पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं।

सरकर के पास हाइवे के लिए अरबों, पर किसान के लिए मन और धन दोनों नहीं
प्रदर्शन के दौरान संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में आकर एक्सप्रेस-वे और हाइवे का निर्माण करवा रही है, जिसमें कयी अरब रुपयों की धनराशि को बर्बाद किया जा रहा है। इसके विपरीत, देश का पेट भरने वाले किसानों के लिए सरकार के पास न तो मन है और न ही धन है।

उन्होंने आगे कहा कि साल 2017 के बाद भाजपा सरकार ने नहर सफाई का जो रोस्टर नवंबर-दिसंबर महीने में तय किया है, वह पूरी तरह से अव्यवहारिक है। किसानों की मांग है कि नहर सफाई का कार्य पहले की भांति अप्रैल और मई के महीनों में ही किया जाना चाहिए। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कभी भी इस माइनर की सुध लेने या इसकी देखभाल करने के लिए क्षेत्र का रुख नहीं करते हैं।

kisan vikas manch

धान की रोपाई से पहले सफाई न होने पर अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल की चेतावनी
माइनर पर जुटे किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एक सामूहिक निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आगामी धान की रोपाई शुरू होने से पहले इस पूरी माइनर की सफाई और इसे अतिक्रमण मुक्त करने का कार्य पूरा नहीं किया गया, तो समस्त किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसके तहत वे विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना, अनशन और भूख-हड़ताल शुरू करेंगे। संगठन मंत्री ने इस मामले की गंभीरता से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी और संबंधित अवर अभियंता को अवगत करा दिया है।

इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता दूखंतू मौर्य ने की तथा मंच का सफल संचालन राम अवध सिंह ने किया। इस दौरान अपनी आवाज बुलंद करने वालों में मुख्य रूप से सुरेश मौर्य, श्री प्रकाश सिंह, कैलाश नाथ, मनोज कुमार गुप्ता, सत्यम कुमार, दिलीप शर्मा, बसंतू, अर्जुन विश्वकर्मा, शुभम मदेशिया, गुड्डू खरवार, रमेश गुप्ता, शंभू चौहान सहित पीडीडू नगर और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों पीड़ित किसान मौके पर मुस्तैद रहे।

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