घुरहूपुर बौद्ध महोत्सव में याद किए गए वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी, तथागत बुद्ध के संदेशों के साथ सजी मेले की दुकानें
घुरहूपुर पहाड़ी पर आयोजित बौद्ध महोत्सव में वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी को याद किया गया। सांसद ने सोलर लाइट लगवाने का ऐलान किया, वहीं मेले में भारी भीड़ उमड़ी।
घुरहूपुर पहाड़ी पर बौद्ध महोत्सव आयोजन
वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी को श्रद्धांजलि
बौद्ध स्थल पर सोलर लाइट घोषणा
महोत्सव में मेले जैसा शानदार नजारा
चंदौली जिले की चकिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर घुरहूपुर की पहाड़ी पर रविवार को बौद्ध महोत्सव का बहुत ही भव्य आयोजन किया गया। तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा और प्राचीन अभिलेखों के बीच आयोजित इस महोत्सव में चारों तरफ श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी, श्रद्धालु, समाजसेवी और आसपास के नागरिक शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा, शांति और मानव कल्याण के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का पुरजोर आह्वान किया।

सांसद ने की बौद्ध स्थल पर सोलर लाइट लगवाने की घोषणा
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने अपने संबोधन में कहा कि तथागत गौतम बुद्ध के विचार आज पूरी मानवता के लिए बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने घुरहूपुर बौद्ध स्थल के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए इसके विकास की बात कही। साथ ही, उन्होंने अपनी सांसद निधि से बौद्ध स्थल पर जल्द ही सोलर हाईमास्ट लाइट लगवाने की बड़ी घोषणा की, जिससे शाम के वक्त आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड राजभर ने की और संचालन श्रीकांत मौर्य ने बखूबी निभाया।

वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी के योगदान को किया गया याद
इस बौद्ध महोत्सव के दौरान वर्ष 2008 में घुरहूपुर बौद्ध स्थल की खोज के समय दम तोड़ने वाले वरिष्ठ पत्रकार स्व. सुशील त्रिपाठी को बेहद श्रद्धा के साथ याद किया गया। वक्ताओं ने इस ऐतिहासिक बौद्ध स्थल को दुनिया के सामने लाने में उनके साहसिक प्रयासों और अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने यह संकल्प लिया कि सुशील त्रिपाठी की स्मृति और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

मेले जैसा नजारा और बौद्ध साहित्य की दुकानों पर उमड़ी भीड़
महोत्सव के दौरान घुरहूपुर पहाड़ी पर धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ एक शानदार मेले जैसा माहौल भी देखने को मिला। चाट-पकौड़ी, गुड़हिया और गरमा-गरम जलेबी की दुकानों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ लगी रही। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह दिखा, और खिलौनों की दुकानों पर बच्चों का तांता लगा रहा। इसके अलावा, महोत्सव स्थल पर एक विशेष साहित्य की दुकान भी सजाई गई थी, जहां बुद्ध के जीवन और शांति संदेशों से जुड़ी किताबें उपलब्ध थीं, जिन्हें लोगों ने बहुत चाव से देखा और खरीदा।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजन
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार एडवोकेट, अश्वनी सोनकर, टोनी खरवार और जिला पंचायत सदस्य दशरथ चंद्र सोनकर उपस्थित रहे। इनके अलावा त्रिलोकी पासवान, मुस्ताक साहब, सनी मौर्य, बुलबुल मौर्य, अरुण यादव, बीरबल सिंह, महेंद्र राजभर, शैलेश राव, देवा सरकार, भानू प्रताप और रामभरोस सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्था के बीच यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महोत्सव सफलतापर्वक संपन्न हुआ।
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