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सरकारी हैंडपंपों पर निजी समरसेबल लगाकर अवैध कब्जा, प्रशासन ने दी FIR करने की चेतावनी

चंदौली के इलिया क्षेत्र में सरकारी हैंडपंपों पर निजी समरसेबल लगाकर जल दोहन का मामला गरमा गया है। खंड विकास प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध समरसेबल हटाने और दोषियों के खिलाफ आर्थिक दंड व कानूनी कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।

 

सरकारी हैंडपंपों पर अवैध समरसेबल कब्जा

सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति में गंभीर बाधा

एडीओ पंचायत अरविंद सिंह की सख्त चेतावनी

दोषियों से वसूली जाएगी आर्थिक क्षतिपूर्ति

ग्रामीणों ने की व्यापक जांच की मांग

चंदौली जिले के इलिया कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी संसाधनों के खुलेआम दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इलिया, निचोट कलां, जिगना, कलानी, बेलावर, कवलपुरवां, धन्नीपुर और बरांव जैसे गांवों में रसूखदारों ने सरकारी हैंडपंपों पर अपना निजी समरसेबल पंप लगाकर उन्हें 'निजी संपत्ति' बना लिया है। इस गंभीर समस्या के कारण आम जनता को भीषण गर्मी में पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के बाद शहाबगंज विकासखंड प्रशासन अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है।

ग्रामीणों ने खोली पोल, बताया कैसे हो रहा है दोहन
क्षेत्र के जागरूक ग्रामीणों, जिनमें शमशेर कुमार, प्रमोद, राजेश, सरवन, लालव्रत और एक लाख जिद्दी शामिल हैं, ने प्रशासन को अवगत कराया कि कई स्थानों पर सरकारी हैंडपंपों के भीतर अवैध रूप से निजी समरसेबल पाइप फिट कर दिए गए हैं। इस वजह से हैंडपंप का सार्वजनिक हैंडल काम करना बंद कर देता है या जल स्तर नीचे गिरने से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाता। व्यक्तिगत लाभ के लिए किए जा रहे इस कृत्य से न केवल जल स्रोत का अंधाधुंध दोहन हो रहा है, बल्कि सरकारी मशीनरी भी बार-बार खराब हो रही है।

एडीओ पंचायत का अल्टीमेटम
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास कार्यालय के एडीओ पंचायत अरविंद सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सरकारी हैंडपंप पूरी तरह से सार्वजनिक उपयोग के लिए हैं। इन पर किसी भी प्रकार का निजी उपकरण लगाना न केवल अनैतिक है बल्कि नियम विरुद्ध और दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जिन लोगों ने भी अवैध रूप से समरसेबल लगा रखे हैं, वे स्वयं उसे तत्काल हटा लें।

चलेगा व्यापक जांच अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों के निरीक्षण के लिए एक विशेष टीम भेजी जाएगी। एडीओ पंचायत ने बताया कि जांच के दौरान यदि किसी सरकारी हैंडपंप पर निजी कब्जा पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के एवज में उनसे आर्थिक क्षतिपूर्ति (जुर्माना) भी वसूली जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि अब उन्हें पेयजल की समस्या से निजात मिल सकेगी।

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