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किसानों को रुला रही है जनकपुर माइनर के धीमी स्पीड, इसके चलने का कोई फायदा नहीं

किसान चंद्रजीत यादव, अवधेश यादव, ठाकुर यादव, दुलारे, रामजन्म, मुलायम आदि का कहना है कि धान की रोपाई के पीक सीजन में माइनर पूरी तरह से सूखी पड़ी हुई है।
 

सूखी पड़ी माइनर कैसे हो धान की रोपाई

किसानों के माथे पर दिखाई दे रही है चिंता की लकीरें

डीएम साहब ..आपका सिंचाई विभाग बना है लापरवाह

चंदौली जिला की शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत जनकपुर माइनर के धीमी गति से चलने के कारण माइनर से जुड़े लगभग आधा दर्जन गांवों में अभी तक धान की रोपाई नहीं हुई है। पानी न मिलने से माइनर पूरी तरह से सूखी पड़ी हुई है। जबकि विभाग माइनर को चलाए जाने का दावा कर रहा है। बावजूद किसान टेल तक एक बूंद भी पानी न पहुंचने से खून के आंसू रोने को मजबूर हो रहे हैं।

बतातेचलें कि क्षेत्र के 22 गांवों के किसानों की खेती प्रकृति के अलावा जनकपुर माइनर पर पूरी तरह से निर्भर है। जिसके कारण माइनर को क्षेत्रीय किसानों का लाइफ लाइन कहा जाता है। माइनर की जर्जर हालत के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी पूरी क्षमता से चलाने की जगह धीमी गति से पानी की आपूर्ति करते हैं। जिसके कारण स्थिति यह हो रही है कि शाहपुर गांव के आगे सैदूपुर, बसाढी गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वही सुल्तानपुर ग्राम के आगे अर्जी, ईसापुर, घुरहूपुर आदि गांवों में माइनर से पानी का एक बूंद भी आपूर्ति नहीं हो रहा है। प्रकृति द्वारा पर्याप्त बारिश न होने के कारण इन गांवों में धान की रोपाई पूरी तरह से बाधित पड़ी हुई है। धान की रोपाई पिछड़ने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं।

किसान चंद्रजीत यादव, अवधेश यादव, ठाकुर यादव, दुलारे, रामजन्म, मुलायम आदि का कहना है कि धान की रोपाई के पीक सीजन में माइनर पूरी तरह से सूखी पड़ी हुई है। ऐसी हालत में खेती किसानी पिछड़ती जा रही है। इसका वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर पानी की आपूर्ति खेतों तक नहीं की गई तो किसानों को अनाज के दाने के लाले पड़ सकते हैं।

 इस मामले में किसान विकास मंच के नेता रामअवध सिंह ने सिंचाई विभाग के लापरवाह कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर किसानों को खेतों तक पानी पहुंच जाने का मांग किया है। मांगे पूरी ना होने पर सिंचाई विभाग कार्यालय का घेराव किये जाने का चेतावनी दिया है।

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