जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

केराडीह में पुलिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण, घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर जमकर किया प्रदर्शन

चंदौली के केराडीह गांव में नहर पर बन रही पुलिया में धांधली का आरोप लगा है। जर्जर पत्थर और घटिया सरिया के इस्तेमाल से नाराज ग्रामीणों ने निर्माण रोककर विरोध प्रदर्शन किया। क्या विभाग लेगा एक्शन? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

 
 

केराडीह गांव में पुलिया निर्माण में धांधली का आरोप

मानक विहीन सरिया और जर्जर पत्थरों का हो रहा प्रयोग

पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर पर शिकायत के बाद भी चुप्पी

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग की

घटिया सामग्री से भविष्य में बड़े हादसे की जताई आशंका

चंदौली जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जनपद के चकिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत केराडीह गांव में नहर पर कराई जा रही पुलिया का निर्माण विवादों के घेरे में आ गया है। शुक्रवार को निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर एकत्र होकर नारेबाजी की और कार्य की गुणवत्ता पर कड़ा ऐतराज जताया।

मानकों की अनदेखी: जर्जर पत्थर और हल्की सरिया का उपयोग
मौके पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पुलिया निर्माण में निर्धारित मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नींव और दीवार निर्माण में पुराने व जर्जर पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जो हाथ लगाने पर ही टूट रहे हैं। वहीं, पुलिया को मजबूती देने के लिए लगाई जा रही लोहे की सरिया भी बेहद हल्की और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि इसी तरह की घटिया सामग्री से पुलिया बनकर तैयार होती है, तो यह भविष्य में किसी भी समय गिर सकती है और बड़े हादसे का सबब बन सकती है।

शिकायत के बावजूद विभाग मौन, प्रशासन से गुहार
गांव निवासी पाखंडू ने बताया कि निर्माण कार्य में हो रही इस धांधली की सूचना लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर को दी गई थी। बावजूद इसके, विभाग की ओर से निर्माण कार्य में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों की इस अनदेखी से ग्रामीणों में विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे कार्य को आगे नहीं बढ़ने देंगे।

उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंदौली का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की किसी उच्चाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे क्षेत्र में सुरक्षित व टिकाऊ निर्माण सुनिश्चित कराकर ही दम लेंगे।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*