चंद्रप्रभा बांध पर किसान महापंचायत, सिंचाई और खाद्यान्न की समस्याओं पर जोरदार चर्चा
चंद्रप्रभा बांध पर किसान महापंचायत का आयोजन
दर्जनों गांव के किसानों ने बढ़ चढ़कर लिया हिस्सा
सिंचाई विभाग के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर नाराजगी
यूनियन नेताओं ने बांध की स्थिति सुधारने की मांग की
चंदौली जिले के चकिया में चंद्रप्रभा बांध स्थल पर रविवार को बांध पूजन के साथ-साथ किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस मौके पर दर्जनों गांव के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अपने मुद्दों को मजबूती से उठाया। महापंचायत भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित की गई, जिसमें सिंचाई, उर्वरक और खाद्यान्न की विक्री जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
किसान नेताओं ने कहा कि सिंचाई विभाग के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण खेती में भारी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। बांध, बंशी और बीयर जैसी जल संरचनाएं जर्जर स्थिति में हैं और महली ठेकेदारों की मिलीभगत से पानी समय से पूर्व छोड़ दिया जाता है, जिससे किसानों को सिंचाई में नुकसान उठाना पड़ता है।

महापंचायत में यह भी आरोप लगाया गया कि तहसील मुख्यालय पर अधिकारी उपलब्ध नहीं रहते, जिससे किसानों के खेतों तक पानी समय पर नहीं पहुँच पाता। इसके अलावा मछली पालन के लिए बेवजह पानी छोड़ने की प्रवृत्ति से सिंचाई की गंभीर समस्या और बढ़ती है।
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपने हितों से समझौता नहीं करेंगे और दोषियों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। महापंचायत में यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव, तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल, देशराज सिंह, शेषनाथ पांडेय, राजनाथ और संदीप प्रजापति सहित कई अन्य नेता शामिल रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल संसाधनों और सिंचाई व्यवस्था को सुधारने की मांग की।

किसानों की यह महापंचायत इस बात का संदेश भी देती है कि जल प्रबंधन और सिंचाई के मुद्दों पर स्थानीय किसानों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, ताकि कृषि क्षेत्र में स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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