चकिया में केंद्रीय बजट के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा, प्रतियां जलाकर किया जोरदार प्रदर्शन
चन्दौली के सैदूपुर में अखिल भारतीय किसान सभा ने केंद्रीय बजट 2026 के विरोध में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने बजट की प्रतियां जलाते हुए आरोप लगाया कि खाद सब्सिडी और मनरेगा बजट में कटौती कर सरकार ने किसानों और मजदूरों के साथ वादाखिलाफी की है।
सैदूपुर में बजट के खिलाफ निकाला गया आक्रोश जुलूस
उसरी मोड़ पर कार्यकर्ताओं ने जलाईं बजट की प्रतियां
खाद सब्सिडी में 15,769 करोड़ की कटौती पर नाराजगी
मनरेगा और आपदा राहत बजट घटाने का लगाया आरोप
किसानों की कर्ज माफी पर कोई प्रावधान न होने पर रोष
चंदौली जनपद के चकिया तहसील अंतर्गत सैदूपुर मंडल में मंगलवार को अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वावधान में केंद्रीय बजट 2026 के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे किसान और मजदूर विरोधी बजट करार देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त किया।

सैदूपुर कस्बे में निकला विरोध जुलूस
अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने सैदूपुर प्राथमिक विद्यालय से एक विशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस कस्बे के विभिन्न मार्गों से होता हुआ उसरी मोड़ पर पहुंचा। जुलूस के दौरान कार्यकर्ता "किसान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी" जैसे नारे लगा रहे थे। उसरी मोड़ पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने बजट विरोध की प्रतियां जलाईं और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की।
खाद सब्सिडी और मनरेगा बजट में कटौती पर नाराजगी
विरोध प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में खेती और किसानों की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। वक्ताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि खाद सब्सिडी में लगभग 15,769 करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है, जिससे किसानों पर खेती की लागत का बोझ बढ़ेगा। इसके अलावा मनरेगा के बजट को भी लगभग समाप्त करने की ओर ले जाया जा रहा है, जो ग्रामीण रोजगार के लिए एक बड़ा झटका है।
युवाओं और आपदा राहत की अनदेखी का आरोप
किसान सभा के नेताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने का केवल "झुनझुना" थमाया है। बजट में किसानों की कर्ज माफी को लेकर कोई भी चर्चा नहीं की गई है। साथ ही, आपदा राहत और फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीज और बिजली विधेयक लाकर सरकार पहले ही किसान विरोधी मंशा साफ कर चुकी है और अब इस बजट ने रही-सही कसर पूरी कर दी है।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से कामरेड परमानंद सिंह, रामविलास, भृगुनाथ, रामचंद्र, रामनिवास पांडेय, लालजी मौर्य, शंभू नाथ, डॉ. कुरील, पन्नालाल, अलाउद्दीन, विमल मौर्य सहित भारी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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