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चकिया में माकपा और भाकपा माले का हल्ला बोल, राष्ट्रपति के नाम सौंपा 12 सूत्री ज्ञापन

चंदौली के चकिया में वामपंथी दलों ने विभिन्न जन मुद्दों को लेकर काली पोखरा से तहसील तक प्रतिवाद मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा।

 
 

वामपंथी दलों का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन

काली पोखरा से निकाला प्रतिवाद मार्च

विपक्ष को निशाना बनाने का लगाया आरोप

एनटीए (NTA) को भंग करने की उठाई मांग

कई दिग्गज वामपंथी नेता रहे मौजूद

चंदौली जिले के चकिया में सोमवार को वामपंथी दलों के संयुक्त राज्यव्यापी आह्वान पर राजनीतिक हलचल तेज रही। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाकपा (माले) लिबरेशन के कार्यकर्ताओं ने मिलकर विभिन्न जन मुद्दों को लेकर एक बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने स्थानीय काली पोखरा से उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय तक एक विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।

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लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने का लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन है। नेताओं ने कहा कि किसी भी असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जन आंदोलनों से पहले नेताओं की गिरफ्तारी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।

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कानून व्यवस्था और दलित उत्पीड़न पर उठाए बड़े सवाल
सौंपे गए ज्ञापन में कानून व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर मांगें उठाई गईं। वामपंथी नेताओं ने मेरठ की दलित छात्रा हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा पर लगाम लगाई जाए और जहाँ भी दलित उत्पीड़न के मामले सामने आते हैं, वहाँ के संबंधित जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और NTA को भंग करने की मांग
इस प्रदर्शन में देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग करने पर जोर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व माकपा के जिला सचिव शंभूनाथ यादव और भाकपा (माले) लिबरेशन के जिला सचिव अनिल पासवान ने किया। इस दौरान किसान सभा के जिला अध्यक्ष लालचंद यादव, रामायण राम, लालमणि विश्वकर्मा, क्रांति पासवान, सुनैना कुमारी, बैजंतीमाला, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामनिवास पांडे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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