चकिया में बन रही यूपी की पहली मॉडल मुसहर कॉलोनी: CDO के ड्रीम प्रोजेक्ट में मिलेंगे पक्के घर और रोजगार के अवसर
चंदौली के चकिया में 'मॉडल मुसहर कॉलोनी' का निर्माण तेजी से हो रहा है। यहाँ 20 मुसहर परिवारों को न केवल छत मिलेगी, बल्कि उन्हें बकरी और मुर्गी पालन जैसे रोजगारों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री तक इस प्रोजेक्ट की चर्चा है।
20 मुसहर परिवारों को पक्का आवास
आंगनबाड़ी केंद्र और मनरेगा पार्क का निर्माण
मुर्गी पालन से आत्मनिर्भर बनेंगे परिवार
कॉलोनी के लिए लगेगा अलग ट्रांसफॉर्मर
सीडीओ आर जगत साई का ड्रीम प्रोजेक्ट
चंदौली जनपद अंतर्गत चकिया विकास खंड में एक ऐसी अनूठी पहल की जा रही है, जिसकी गूंज अब लखनऊ के गलियारों तक पहुँच चुकी है। चकिया तहसील के पीछे स्थित दिरेहूं ग्राम पंचायत के डोडापुर खालसा में एक अत्याधुनिक 'मॉडल मुसहर कॉलोनी' का निर्माण कराया जा रहा है। यह कॉलोनी मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर जगत साई का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े मुसहर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ना है।

अतिक्रमण मुक्त भूमि पर संवर रहा भविष्य
इस योजना की नींव तब पड़ी जब उपजिलाधिकारी (SDM) कुमार मिश्र के नेतृत्व में डोडापुर खालसा की 18 बिस्वा सरकारी भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया गया था। एसडीएम ने इस जमीन को ग्राम पंचायत को सौंप दिया, जिसके बाद सीडीओ आर जगत साई और बीडीओ विकास सिंह ने यहाँ एक व्यवस्थित बस्ती बसाने का प्रस्ताव तैयार किया। वर्तमान में इस कॉलोनी के आवासों का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।
आवास ही नहीं, आत्मनिर्भरता की भी गारंटी
इस मॉडल कॉलोनी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ केवल घर ही नहीं दिए जा रहे, बल्कि परिवारों के लिए स्थायी आमदनी का जरिया भी विकसित किया जा रहा है। 'मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना' के तहत चयनित 20 मुसहर महिलाओं के परिवारों को मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसे कुटीर उद्योगों से जोड़ने का मास्टर प्लान है। इसके लिए कॉलोनी को एक 'क्लस्टर' के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि निवासियों को रोजगार के लिए भटकना न पड़े।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी बस्ती
प्रशासन का लक्ष्य इसे केवल एक रिहायशी इलाका न बनाकर एक आदर्श गांव की तरह विकसित करना है। कॉलोनी के लिए बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है:--
-विद्युत आपूर्ति: निर्बाध बिजली के लिए कॉलोनी में अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाया जा रहा है।
-शिक्षा और स्वास्थ्य: बच्चों के लिए एक आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण प्रस्तावित है।
-पर्यावरण और मनोरंजन: सामुदायिक स्वास्थ्य और हरियाली के लिए यहाँ एक 'मनरेगा पार्क' भी बनाया जा रहा है।
लखनऊ तक प्रोजेक्ट की सराहना
ग्राम प्रधान नुजहत परवीन और उनके प्रतिनिधि इम्तियाज अहमद ताजे ने बताया कि इस कॉलोनी के माध्यम से मुसहर परिवारों को सरकार की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं, जैसे आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और पेंशन योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। बीडीओ विकास सिंह के अनुसार, इस मॉडल को पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि जब मुसहर परिवारों के पास अपना पक्का घर और घर के दरवाजे पर ही रोजगार का साधन होगा, तभी उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में वास्तविक बदलाव आएगा। प्रशासन का यह प्रयास चंदौली में विकास के एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






