चकिया नगर पंचायत में अवैध कब्जे पर प्रशासन मौन, पीड़ित महिला न्याय के लिए भटक रही
योगी सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाता प्रशासन
चकिया नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
उप जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी कार्रवाई ठप
पीड़ित महिला छह महीने से न्याय के लिए भटक रही
प्रदेश की योगी सरकार अतिक्रमण विरोधी अभियानों के लिए भले ही मशहूर हो, मगर चकिया नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है। उप जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नगर पंचायत द्वारा बैनामाशुदा भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने से पीड़ित महिला पुष्पा देवी पिछले छह महीने से न्याय के लिए भटक रही है। अधिकारियों की इस हीलाहवाली से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
बताते चलें कि नगरपंचायत चकिया स्थित आराजी नंबर 61/1 भूमि की स्वामिनी पुष्पा देवी पत्नी प्रेमचंद ने वर्ष 2011 में चकिया वार्ड नंबर 2 निवासिनी हसमत जहां पत्नी अहमद से यह जमीन रजिस्ट्री कर खरीदी थी। बैनामा के बाद खतौनी और नजरी नक्शे में पुष्पा देवी का नाम दर्ज है और वह विधिवत कब्जे में हैं।

पुष्पा देवी ने सार्वजनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपनी खरीदी गई जमीन का एक हिस्सा गली के लिए छोड़ दिया था, जिस पर नगर पंचायत ने 2020-21 में 14वें वित्त आयोग से 9 लाख 56 हजार 830 रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया। तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक बागी ने इस निर्माण का शिलापट्ट भी लगवाया।
मां की बेची गई जमीन पर बेटा कर रहे हैं अवैध कब्जा
एक दशक बाद हसमत जहां के पुत्र नूर मोहम्मद और अली मोहम्मद ने अपनी मां के संपूर्ण हिस्से का विक्रय कर दी गई भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया। यहां तक की इंटरलॉकिंग कर निर्माण किए गए सड़क को स्वयं तोड़करवा दिनदहाड़े अपने कब्जे में कर लिया और नगर पंचायत प्रशासन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कुछ भी नहीं कर पायी। पुष्पा देवी द्वारा बार-बार शिकायत करने पर भी नगर पंचायत और तहसील प्रशासन कार्रवाई करने से बचता रहा।
प्रशासन की सुस्ती से बढ़ा अतिक्रमणकारियों का हौसला
पीड़ित महिला पुष्पा देवी का कहना है कि उप जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन बैनामाशुदा भूमि से अतिक्रमण हटवा नहीं रहा है। छह माह से अधिक समय से न्याय की आस में वह तहसील और नगर पंचायत के चक्कर काट रही हैं। स्थानीय लोग भी अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं।

लोगों को याद आए पूर्व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा
जब अवैध अतिक्रमण की बात आती है तो चकिया के लोगों को पूर्व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और नगर पंचायत प्रशासक रहे प्रेम प्रकाश मीणा को याद करते हैं। मीणा ने अपने कार्यकाल में वर्षों पुराने अतिक्रमण पर स्वयं खड़े होकर बुलडोजर चलवाए और करोड़ों की सरकारी भूमि को मुक्त कराया था। कई फरियादियों की भूमि संबंधित काफी पुरानी समस्याओं का भी त्वरित निस्तारण किया था। कार्य दिवस में वह जनता दरबार लगाकर वह जनता से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं का मौके पर जाकर त्वरित निस्तारण करने में देर नहीं करते थे। इसके अलावा न्याय आपके द्वार कार्यक्रम चलाकर गांव गांव जाकर उन्होंने सैकड़ो मामलों का निपटारा कर लोगों को न्याय दिलाने का कार्य किया था। उनकी न्यायप्रियता और दृढ़ कार्यशैली के चलते उन्हें गरीबों का मसीहा कहा जाने लगा था।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि आज प्रेम प्रकाश मीणा होते तो ऐसे अवैध कब्जे पर तुरंत बुलडोजर चलता और पीड़ित को न्याय मिलता। लोगों का मानना है कि जहां भी मीणा जैसे अधिकारी तैनात होते हैं, वहां की तस्वीर बदलने में देर नहीं लगती।
न्याय की आस में पीड़िता पुष्पा देवी
पुष्पा देवी ने कहा कि योगी सरकार अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने का दावा करती है, लेकिन स्थानीय अधिकारी आदेशों को पलीता लगा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके और अवैध कब्जे से उनकी जमीन मुक्त कराई जा सके।वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की सरकार की नीति पर सवाल खड़े हो जाएंगे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








