सेमिनार में युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने हेतु मशरूम की दी गई ट्रेनिंग

मशरूम की खेती से युवाओं को रोजगार के नए अवसर
टीई फाउंडेशन और विंगस आफ वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ सेमिनार
मशरूम की खेती पर देवरिया के मशहूर व्यवसायी स्वतंत्र सिंह ने दी ट्रेनिंग
चंदौली जिला के इलिया कस्बा के एक लान में टीई फाउंडेशन और विंगस आफ वाराणसी के तत्वावधान में सोमवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए आयस्टर मशरूम के खेती की ट्रेनिंग दी गई।
सेमिनार में देवरिया से आये मशरूम के बड़े एवं मशहूर व्यवसायी स्वतंत्र सिंह ने युवाओं को ट्रेनिंग देते हुए कहा कि आज के युग में पनीर की तरफ लोगों का रुझान काफी बड़ा है लेकिन मार्केट में दूध से बनी पनीर की जगह केमिकल युक्त पानीर तेजी से बिक रही है। जो मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है और समय रहते ही लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने लग रहे हैं। पनीर का विकल्प अब मशरूम की खेती होता जा रहा है। मशरूम शुद्ध रूप से शाकाहारी होने के साथ ही फाइबर युक्त आहार है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन सहित कई तरह के विटामिन मौजूद है। इसके सेवन से त्वचा के स्वस्थ होने के साथ ही हृदय को मजबूती प्रदान होती है।

उन्होंने बताया कि मशरूम को अपने घरों खेत खलिहानों में भी सावधानी पूर्वक आसानी से उगा सकते हैं। जिसकी खेती करके लाखों रुपए कमाया जा सकता है। आज मशरूम का कीमत बाजारों में 300 से ₹400 किलो तक है। इसकी खेती से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान हो सकेंगे। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को उत्पादन के साथ मार्केटिंग के भी तरीके सिखाए।

इस दौरान आयोजक टीई फाउंडेशन के अध्यक्ष करुणेश पांडेय ने क्षेत्रीय युवाओं को साल में चार बार ट्रेनिंग दिलाये जाने का घोषणा किया। इस अवसर पर वृक्ष बंधु डॉ परशुराम सिंह, अमेरिकन पांडेय, अनिल पांडेय, प्रताप पांडेय, कन्हैया गुप्ता, कैलाश,उदिता,दीक्षा, आकाश ,दीपक आदि लोग शामिल रहें।
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