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नेवाजगंज पंप कैनाल ठप: अधिकारियों के झूठे दावों के बीच पानी को तरस रहे किसान, बड़े आंदोलन की चेतावनी

चन्दौली के चकिया में 15 मार्च से नेवाजगंज पंप कैनाल ठप होने से किसान बेहाल हैं। समाधान दिवस की गुहार और अधिकारियों के खोखले दावों से नाराज किसान विकास मंच ने अब पानी न मिलने पर जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

 
 

15 मार्च से कैनाल पूरी तरह ठप

धान की नर्सरी सीजन में संकट

समाधान दिवस की गुहार बेकार

चकिया से बिजली सप्लाई की मांग

मांग पूरी न होने पर आंदोलन

चंदौली जिले के चकिया ब्लॉक अंतर्गत आने वाले नेवाजगंज पश्चिमी पंप कैनाल की हालत इस समय बेहद दयनीय बनी हुई है। आगामी फसलों और धान की नर्सरी डालने के इस पीक सीजन में भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। बीते शनिवार को चकिया तहसील में आयोजित समाधान दिवस में भी किसानों ने इस समस्या के त्वरित निस्तारण के लिए गुहार लगाई थी। उस समय जिम्मेदार अधिकारियों ने दो-तीन दिनों के भीतर सभी पंपों को चालू करने का भरोसा दिया था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों के ये झूठे दावे अन्नदाताओं की परेशानी को लगातार बढ़ा रहे हैं।

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15 मार्च की आंधी के बाद से ठप है कैनाल
दरअसल, बीती 15 मार्च को आए भीषण आंधी-तूफान के बाद से ही इस पंप कैनाल की बिजली पूरी तरह गुल है। आंधी के कारण रास्ते में पेड़ गिर गए थे, जिन्हें वन विभाग या लघु डाल विभाग ने आज तक हटाने की जहमत नहीं उठाई। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने जब मौके पर जाकर निरीक्षण किया, तो विभागीय समन्वय की पोल खुल गई। 

संगठन मंत्री राम अवध सिंह द्वारा संपर्क करने पर लघु डाल विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार यादव ने बताया कि इस कैनाल के लिए 70 किलोमीटर दूर चन्दौली से स्वतंत्र फीडर की बिजली आती है, जो आंधी के कारण बाधित है। हालांकि, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता मिथिलेश कुमार का कहना है कि वर्तमान में ग्रामीण फीडर से जोड़कर एक पंप चलाया जा रहा है और एक सप्ताह के भीतर मुख्य बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर नर्सरी के लिए पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

चकिया से बिजली जोड़ने की मांग
किसान नेता नितेश गुप्ता और सरोज कुमार यादव ने सिंचाई विभाग की गंभीरता पर बड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कैनाल की मरम्मत के नाम पर हर साल सरकारी फंड आता है, लेकिन धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं देता। इसके अलावा नहर की पटरियां भी इतनी कमजोर हैं कि यदि सभी पांच मोटर पंप एक साथ चला दिए जाएं, तो वे पानी का भारी दबाव नहीं झेल पाएंगी। किसानों ने सुझाव दिया है कि चन्दौली के बजाय इस कैनाल को चकिया से बिजली सप्लाई देना अधिक सुगम और सुरक्षित रहेगा। 

निरीक्षण के दौरान नितेश कुमार गुप्ता, पिंटू सिंह, विमलेश सिंह, सरोज कुमार यादव, अशोक मोदनवाल और किशन मोदनवाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में निर्णय लिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कैनाल को पूरी तरह चालू कर पानी नहीं छोड़ा गया, तो किसान जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे।

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