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BDO साहब को खुश करके मनमाना काम करते हैं प्रधान व सेक्रेटरी, लटके रहते हैं पंचायत भवन पर ताले

चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र के 12 से ज्यादा गांवों के पंचायत भवनों पर अक्सर ताला लटका रहता है, क्योंकि यहां पर पंचायत भवन के खुलने व बंद होने का कोई टाइम टेबुल नहीं है।
 

इलिया क्षेत्र के 12 से ज्यादा पंचायत भवनों का हाल बुरा

अक्सर पंचायत भवन पर लटका रहता है ताला

छोटे से काम के लिए 10 किमी दूर ब्लॉक पर जाते हैं लोग 

चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र के 12 से ज्यादा गांवों के पंचायत भवनों पर अक्सर ताला लटका रहता है, क्योंकि यहां पर पंचायत भवन के खुलने व बंद होने का कोई टाइम टेबुल नहीं है। पंचायत भवन के बंद रहने से लोगों को हर काम के लिए विकास खंड व तहसील व जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। 

गांव के लोगों की शिकायत रहती है कि कई ग्रामसभाओं में पंचायत भवन का ताला कभी कभी ही खुलता है। कहीं पर समय से पंचायत सहायक नहीं पहुंचते हैं तो किसी गांव में घर से ही पंचायत भवन चलता है, तो कहीं आवश्यक संसाधनों का अभाव है। ऐसी स्थिति में लोग छोटे-छोटे काम के लिए ब्लॉक या तहसील पर जाते हैं और गांव में मिनी सचिवालय का कांसेप्ट फेल होता जा रहा है।  

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन कभी कभार ही खुलता है। शिकायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। ग्राम पंचायत कलानी में बना पंचायत भवन बंद रहता है। इशरगोढ़वा, ढोंढनपुर, बेलावर सहित 12 से ज्यादा पंचायत भवनों का ताला कभी खुल जाए तो लोग खुद को भाग्यशाली समझते हैं। वहीं कलानी ग्राम पंचायत भवन में मुख्य गेट भी नहीं लगा है। उसमें करकट भरा हुआ है। इशरगोढ़वा पंचायत भवन कभी-कभी खुलता है।

 ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत भवन कभी कभी ही खुलता है। यहां गांव के लोगों को कोई सुविधा नहीं मिलती है, जबकि पंचायत भवन को हाईटेक बनाया गया है। इसके बावजूद लोगों को मजबूरी में काम के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों को 10 किमी दूर शहाबगंज विकासखंड पहुंचकर अपना कार्य करा रहे हैं। अधिकारियों से कहने पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। सारे लोग अपनी सेटिंग करके जनता को परेशान कर रहे हैं।

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