कटवामाफी PHC की बदहाली देखने पहुंचे विधायक, 5 दिन से गायब मिले चिकित्सा प्रभारी, विधायक के औचक निरीक्षण में खुली पोल
चंदौली के शहाबगंज में PHC कटवामाफी पर विधायक कैलाश आचार्य ने औचक निरीक्षण किया। चिकित्सा प्रभारी 5 दिन से गायब मिले, फार्मासिस्ट भी नदारद। विधायक ने रजिस्टर में अनुपस्थिति दर्ज कर आयुष मंत्री और DM से बात की।
पीएचसी कटवांमाफी में विधायक का औचक निरीक्षण
चिकित्सा प्रभारी चंद्रगुप्त 5 दिन से अनुपस्थित मिले
फार्मासिस्ट भी बिना छुट्टी के ड्यूटी से गायब
विधायक ने खुद रजिस्टर में दर्ज की अनुपस्थिति
आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु से की शिकायत
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटवामाफी की हालत बहुत खराब है। ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद शनिवार को विधायक कैलाश आचार्य ने दोपहर 1:18 बजे स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जो नजारा दिखा, उसने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी। चिकित्सा प्रभारी चंद्रगुप्त लगातार पांच दिनों से ड्यूटी से गायब मिले। वहीं अस्पताल पर नियुक्त एकमात्र फार्मासिस्ट भी ड्यूटी से नदारद मिला। मौके पर केवल चिकित्सक डॉ. मोनिका और एएनएम ही मौजूद मिलीं।
मरीजों को हो रही है भारी परेशानी
ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा प्रभारी और फार्मासिस्ट के नियमित रूप से नहीं बैठने की शिकायत बहुत पुरानी है। इसकी वजह से मरीजों को इलाज और दवाओं के लिए काफी परेशान होना पड़ता है।
कई बार मरीज दूर से आते हैं लेकिन डॉक्टर नहीं मिलते तो उन्हें बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र की इसी बदहाल व्यवस्था को लेकर बीते मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों ने वृक्ष बंधु एवं समाजसेवी डॉ. परशुराम सिंह के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन भी किया था।
सीएमओ ने दिया था सुधार का आश्वासन
धरने की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी परितोष मिश्रा खुद मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनके सामने अपनी मांगें रखी थीं। उन्होंने चिकित्सक की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं को ठीक करने और पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी।
सीएमओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि अगले दिन से चिकित्सक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएगी और अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता भी कराई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया था।
4 दिन बाद भी नहीं सुधरे हालात
ग्रामीणों का कहना है कि सीएमओ के आश्वासन के चार दिन बाद भी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट अभी भी मनमानी कर रहे हैं।
इसी शिकायत पर शनिवार को विधायक कैलाश आचार्य ने दोबारा निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। रजिस्टर में चिकित्सा प्रभारी चंद्रगुप्त के लगातार पांच दिनों से हस्ताक्षर ही नहीं मिले। फार्मासिस्ट भी बिना छुट्टी लिए शनिवार को गायब मिला।
इस लापरवाही को देखकर विधायक ने खुद ही उपस्थिति रजिस्टर में चिकित्सा प्रभारी की पांच दिन और फार्मासिस्ट की एक दिन की अनुपस्थिति दर्ज कर दी।
आयुष मंत्री, डीएम और सीएमओ से की बात
मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक कैलाश आचार्य ने तुरंत आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी परितोष मिश्रा से फोन पर बातचीत की।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति से सभी अधिकारियों को अवगत कराया और अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश देने को कहा।
ग्रामीणों को दिया सुधार का भरोसा
विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य केंद्र पर जल्द ही नियमित चिकित्सा सुविधा और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इलाज के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीएचसी की व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा ताकि गरीब और आम लोगों को अपने गांव के पास ही अच्छा इलाज मिल सके।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







