पॉक्सो एक्ट सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं, लड़कों को भी मिलता है कानूनी संरक्षण, जानें क्या है तरीका
किसान इंटर कॉलेज सैदूपुर में विधिक जागरूकता अभियान के तहत अपर सिविल जज ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शोषण का शिकार लड़का हो या लड़की, दोनों को कानून में कड़ा संरक्षण प्राप्त है।
सैदूपुर में बाल अधिकार जागरूकता अभियान
पॉक्सो एक्ट के तहत कड़े प्रावधान
18 वर्ष से कम उम्र पर कानून
बाल विवाह रोकने के कानूनी नियम
नि:शुल्क सहायता हेतु टोल फ्री नंबर
चंदौली जिले के सैदूपुर स्थिति किसान इंटर कॉलेज में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकारों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके प्रति होने वाले अपराधों से सतर्क करना और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना था। इस दौरान चकिया के अपर सिविल जज यज्ञेश कुमार सोनकर ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें कानून की बारीकियों से अवगत कराया।

लड़का हो या लड़की, दोनों पर लागू होता है पॉक्सो एक्ट
अपर सिविल जज यज्ञेश कुमार सोनकर ने बताया कि नाबालिग बच्चे के साथ छेड़छाड़, उसकी मर्जी के बिना छूना या लैंगिक शोषण करना बेहद गंभीर कानूनी अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट केवल लड़कियों की सुरक्षा के लिए ही नहीं बना है, बल्कि 18 साल से कम उम्र के लड़के भी इसके दायरे में आते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नाबालिग लड़के के साथ कोई महिला यौन शोषण करती है, तो उस पर भी पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होगा। ठीक इसी तरह नाबालिग लड़की के साथ पुरुष द्वारा किए गए अपराध पर भी यही कड़ा कानून लागू किया जाता है।
गलत व्यवहार को छिपाएं नहीं, तुरंत करें शिकायत
जज ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण या गलत व्यवहार को कभी छिपाना नहीं चाहिए। अगर कोई आपके साथ गलत व्यवहार करता है, तो इसकी जानकारी खुद बच्चे, उनके माता-पिता या कोई भी नागरिक जिम्मेदार अधिकारियों को दे सकता है। उन्होंने बच्चों का डर दूर करते हुए कहा कि शिकायत करने वाले बच्चे पर कोई कानूनी आंच नहीं आती। कानून हमेशा पीड़ित के साथ खड़ा रहता है और अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाती है।
बाल विवाह अपराध है, हेल्पलाइन नंबरों से लें मदद
बाल विवाह कानून के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कराना कानूनन अपराध है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए बच्चे विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की मदद ले सकते हैं। मुसीबत के समय चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस सेवा 112 और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से तुरंत सहायता मांगी जा सकती है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर मुफ्त कानूनी मदद भी ली जा सकती है।
कार्यक्रम में ये शिक्षक और अधिकारी रहे मौजूद
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में कई प्रमुख लोग और शिक्षक उपस्थित रहे। इनमें विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार, सैदूपुर चौकी प्रभारी अनिल कुमार पांडेय, शिक्षक राकेश सिंह और प्रदीप सिंह शामिल थे। इसके साथ ही कृष्ण कुमार तोमर, सत्य प्रकाश सिंह, गिरीश कुमार शर्मा, दिलीप सिंह, करुणापति शुक्ला, शिवमंगल सिंह, चंद्रमणि, काजल गुप्ता समेत अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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