'सरकार की जवाबदेही तय हो': पूर्वांचल यात्रा पहुंची चकिया-मुगलसराय, अधिवक्ताओं और युवाओं ने किया समर्थन
मिर्जापुर से शुरू हुई पूर्वांचल यात्रा 10 जिलों और 1,000 किलोमीटर का सफर तय कर चंदौली पहुंची। चकिया व मुगलसराय में अधिवक्ताओं और युवाओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। वक्ताओं ने रोजगार और शिक्षा पर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।
चकिया मुगलसराय में पूर्वांचल यात्रा
10 जिलों का सफर तय
बार एसोसिएशन अध्यक्षों का मिला समर्थन
रोजगार और स्वास्थ्य पर उठे सवाल
20 सितंबर वाराणसी सम्मेलन का आह्वान
रोजगार, मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को मजबूत करने की मांगों को लेकर 9 अगस्त को मिर्जापुर से शुरू हुई पूर्वांचल यात्रा चंदौली जिले में प्रवेश कर चुकी है। यह यात्रा करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए और प्रदेश के 10 जिलों से गुजरते हुए चकिया व मुगलसराय पहुंची। चकिया में बार एसोसिएशन के कई पूर्व अध्यक्षों और अधिवक्ताओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया व अपना समर्थन दिया।

धानापुर में शहीदों को नमन, मुगलसराय बाईपास पर हुआ जोरदार स्वागत
इससे पूर्व धानापुर पहुंचने पर स्थानीय युवाओं ने पूर्वांचल यात्रा का भव्य स्वागत किया और वहां स्थित शहीद स्थल पर माल्यार्पण कर अमर शहीदों को नमन किया। इसके बाद चंदौली जिला कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के बीच जनसंपर्क अभियान चलाया गया। वहीं, मुगलसराय बाईपास पर रोजगार अधिकार अभियान के नेता तिलक धारी बिंद के नेतृत्व में यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बाजार में पर्चा वितरण और नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया।

स्थानीय स्तर पर रोजगार और पूंजी पलायन रोकने पर जोर
संवाद कार्यक्रम के दौरान पूर्वांचल यात्रा संयोजक मंडल के सदस्य डॉ. शम्मी कुमार सिंह और रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल को-ऑर्डिनेटर राजेश सचान ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश से पूंजी पलायन पर रोक लगाई जानी चाहिए। यदि स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं और युवाओं को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, तो बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। इससे पूर्वांचल के युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।

20 सितंबर को वाराणसी में आयोजित महासम्मेलन में जुटने का आह्वान
सभा में वक्ताओं ने प्राकृतिक संसाधनों की लूट बंद करने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देने, अतिपिछड़ों के लिए अलग आरक्षण कोटा लागू करने और मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई। आयोजकों ने युवाओं, छात्रों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी मांगों को मजबूत करने के लिए 20 सितंबर को शास्त्री घाट, वाराणसी में आयोजित हो रहे विशाल सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। कार्यक्रम में अजय राय, अखिलेश दुबे, लालचंद यादव, श्याम नारायण कुशवाहा और गीता राय समेत भारी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
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