चंदौली में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: तहसीलदार की रिपोर्ट पर दो लेखपाल सस्पेंड, राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
चंदौली के चकिया तहसील में एसडीएम विकास मित्तल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लेखपालों को सस्पेंड कर दिया है। इन पर सरकारी जमीन की निगरानी में लापरवाही और वरासत में गड़बड़ी का आरोप है। पूरी विभागीय जांच 15 दिनों में पूरी होगी।
तहसीलदार देवेंद्र की रिपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई
लेखपाल अखिलेश और दिनेश कुमार निलंबित
वरासत और सरकारी जमीन में लापरवाही का आरोप
भूलेख अनुभाग चकिया से संबद्ध किए गए कर्मी
15 दिनों के भीतर पूरी होगी विभागीय जांच
चंदौली जिले के चकिया तहसील में राजस्व विभाग को लेकर एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट को सही पाते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) विकास मित्तल ने दो लेखपालों को तुरंत प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
इन गंभीर आरोपों में फंसे दोनों लेखपाल
निलंबित किए गए दोनों लेखपालों पर सरकारी कागजों में हेरफेर करने, सरकारी जमीन की देखरेख में लापरवाही बरतने और अपने काम को ठीक से न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी है।
वरासत दर्ज करने में की गई बड़ी लापरवाही
पहला मामला सेन्दूर गांव का है, जहां तैनात लेखपाल अखिलेश कुमार पर जमीन के कागजात और वरासत दर्ज करने में बड़ी लापरवाही का आरोप लगा है। जांच में पता चला कि कोर्ट में विवाद चलने के बावजूद उन्होंने बिना पूरी पड़ताल किए सिर्फ ऑनलाइन ऑर्डर देखकर वरासत दर्ज कर दी।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला
दूसरा मामला खिलची रजड़ीहा क्षेत्र का है। यहां तैनात लेखपाल दिनेश कुमार पर ग्राम सभा इलिया की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर ढिलाई बरतने का आरोप है। उन्होंने साल 2024 से 2026 के बीच जमीन की सही स्थिति की न तो जांच की और न ही इसे सरकारी खाते में दर्ज कराया।
कार्रवाई के बाद लेखपालों को किया संबद्ध
एसडीएम विकास मित्तल ने अपने आदेश में साफ कहा है कि दोनों लेखपालों ने नियमों के खिलाफ जाकर काम किया है। सस्पेंशन के दौरान दोनों को नियम के मुताबिक केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें चकिया के भूलेख अनुभाग से अटैच (संबद्ध) कर दिया गया है।
15 दिनों के अंदर मांगी गई पूरी रिपोर्ट
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नायब तहसीलदार आलोक निवास और आलोक निषाद को जांच अधिकारी बनाया गया है। इन दोनों अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर चार्जशीट तैयार कर विभागीय जांच को पूरा करें।
राजस्व विभाग के कर्मचारियों में मचा हड़कंप
तहसीलदार देवेंद्र की रिपोर्ट पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम विकास मित्तल का यह निलंबन आदेश 25 जून 2026 से लागू हो गया है, जिससे लापरवाह कर्मचारियों में डर का माहौल है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








