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भारतीय सेना के हवलदार अरविंद कुमार मौर्य का निधन, परिवार में मचा कोहराम

चंदौली के शहाबगंज निवासी सेना के जांबाज हवलदार अरविंद कुमार मौर्य का दिल्ली के सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। 38 वर्षीय जवान की मृत्यु से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है और परिवार गहरे सदमे में है।

 

दिल्ली सैन्य अस्पताल में ली अंतिम सांस

38 वर्ष की आयु में जवान का निधन

परिवार में भाई आरपीएफ और पिता किसान

पत्नी मुन्नी देवी और दो पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल

बचपन से ही सेना में जाने का था जुनून

चंदौली जनपद के शहाबगंज कस्बे के लिए गुरुवार की सुबह एक हृदयविदारक समाचार लेकर आई। भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात कस्बे के होनहार लाल अरविंद कुमार मौर्य (38 वर्ष) का गुरुवार तड़के दिल्ली स्थित सैन्य चिकित्सालय में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके असमय निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे शहाबगंज क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और हर घर में मातम छा गया।

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सैन्य अस्पताल में चल रहा था उपचार 

 चंद्रशेखर उर्फ पारस नाथ मौर्य के पुत्र अरविंद कुमार मौर्य पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सेना अस्पताल (आरआर हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति बिगड़ती गई और गुरुवार भोर में उन्होंने अंतिम सांस ली। अरविंद अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, लेकिन उनके बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।

बचपन से ही था सेना में भर्ती होने का जुनून
अरविंद कुमार मौर्य अपने भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। ग्रामीणों के अनुसार, उनमें छात्र जीवन से ही देश सेवा का अटूट जज्बा था। वे न केवल एक अनुशासित सैनिक थे, बल्कि खेलकूद में भी काफी अव्वल रहे थे। विद्यालय स्तर से ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उनका मिलनसार और सहयोगी स्वभाव ही था कि आज उनके जाने के बाद हर ग्रामीण की आँखें नम हैं। उनके छोटे भाई अनिल कुमार मौर्य भी वर्तमान में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में तैनात हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जवान की मृत्यु की खबर सुनकर पत्नी मुन्नी देवी बार-बार बेसुध हो जा रही हैं, वहीं उनकी बड़ी बहन रेखा मौर्य का भी रो-रोकर बुरा हाल है। अरविंद अपने पीछे दो पुत्रों, आरुष (15 वर्ष) और अंश (12 वर्ष) को छोड़ गए हैं। पिता की वर्दी और उनकी तस्वीर देखकर बिलख रहे बच्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है।

पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त
हवलदार अरविंद मौर्य के निधन की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और ग्रामीण उनके पैतृक आवास पर पहुंच रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इसे समाज और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। सभी की निगाहें अब उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के इंतजार में लगी हैं, ताकि इस जांबाज सैनिक को अंतिम विदाई दी जा सके।

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