शहाबगंज में बिना सोचे-समझे बना दिया चेकडैम! फसलें जलमग्न, किसानों ने दी डीएम दफ्तर पर घेराव की चेतावनी
चंदौली के शहाबगंज में सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। लेहरा ड्रेन पर बने ऊंचे चेकडैम के कारण हल्की बारिश में ही सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है, जिससे रोपाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
लेहरा ड्रेन पर बना चेकडैम बना आफत
बेन और सीहर गांव के खेत जलमग्न
धान की जुताई और रोपाई का काम ठप
विभाग पर लगा बिना सर्वे निर्माण का आरोप
जल्द समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड में जल संरक्षण (पानी बचाने) के उद्देश्य से लेहरा ड्रेन पर बनाया गया चेकडैम अब स्थानीय किसानों के लिए गले की फांस बन चुका है। रविवार की सुबह हुई हल्की सी बारिश ने ही सिंचाई विभाग के दावों की पोल खोल दी। बारिश के कारण बेन और सीहर गांव के सिवान के सैकड़ों एकड़ खेत पूरी तरह पानी से लबालब भर गए। पानी भरने की वजह से किसानों के धान की जुताई और रोपाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है।

मेहनत पर फिरा पानी, किसानों में मायूसी
इलाके के कई किसानों ने जो धान की फसल पहले ही कड़ी मेहनत से रोप दी थी, वह भी अब पानी में पूरी तरह डूब चुकी है। इससे किसानों को भारी नुकसान होने का डर सता रहा है, जिसके चलते क्षेत्र के किसानों में गहरा आक्रोश और मायूसी का माहौल है। किसानों का सीधा आरोप है कि लघु सिंचाई विभाग वाराणसी ने कतकौलिया मौजा में जमीनी और भौगोलिक स्थिति का सही सर्वे किए बिना ही इस चेकडैम को बना डाला। पानी रोकने के चक्कर में ड्रेन में बहुत ऊंचा फाल बना दिया गया, जिससे बारिश का पानी आगे बहने के बजाय खेतों में वापस भरने लगा है। किसानों का कहना है कि यह चेकडैम पानी बचाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी खेती को बर्बाद करने के लिए बनाया गया है।
पहले की चेतावनी को विभाग ने किया अनसुना
किसान विकास मंच का कहना है कि यह कोई अचानक आई आफत नहीं है। कुछ दिन पहले ही बिशनपुरवां गांव में हुई एक बैठक के दौरान किसानों ने इस चेकडैम के फाल की ऊंचाई करीब साढ़े चार फीट किए जाने का पुरजोर विरोध किया था। उस समय भी अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई थी कि बारिश शुरू होते ही बेन और सीहर के खेतों में पानी भर जाएगा और किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। रविवार की मामूली बारिश ने किसानों की उस आशंका को सच साबित कर दिया है।
डीएम दफ्तर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी
पीड़ित किसानों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर और चेकडैम के फाल की ऊंचाई कम करने के लिए लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को लिखित रूप में प्रार्थना पत्र भी दे चुके हैं। लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसान नेता नरेंद्र मौर्य, प्रेम गिरी, रामअवध सिंह, शिवपूजन विश्वकर्मा, अंगद पाल, सत्येंद्र सिंह और मोनू यादव सहित तमाम किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चेकडैम का ऊंचा फाल नहीं हटाया गया, तो क्षेत्र के भारी संख्या में किसान लामबंद होकर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पर तालाबंदी और उग्र धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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