आंधी और आग में उजड़ी गृहस्थी तो 4 बच्चों संग दर-दर भटकने को मजबूर पीड़ित: न जाने कब मिलेगा आशियाना?
शहाबगंज के तेनुई गांव में 14 मई को लगी आग में राम औतार का सब कुछ खाक हो गया। पिछले छह महीने से पत्नी और चार बच्चों के साथ पंचायत भवन में दिन काट रहे इस परिवार को अब भी सरकारी आवास का इंतजार है।
आग में उजड़ा गरीब का आशियाना
पंचायत भवन में बीते छह महीने
शहाबगंज में बेघर हुआ परिवार
सरकारी आवास के इंतजार में पीड़ित
प्रशासन से जल्द मदद की उम्मीद
चंदौली जिले के शहाबगंज विकास क्षेत्र में एक गरीब परिवार प्राकृतिक आपदा और लाचारी के कारण दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्राम पंचायत बनभीषमपुर के तेनुई गांव के रहने वाले राम औतार का हंसता-खेलता परिवार आज बेघर हो चुका है। बीते 14 मई को आई तेज आंधी के दौरान अचानक लगी भीषण आग में उनका पूरा मकान और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया था।

4 बच्चों के साथ पंचायत भवन बना ठिकाना
हादसे के बाद से ही राम औतार का परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वे खुद का मकान दोबारा बनवाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। मजबूरी में राम औतार अपनी पत्नी अनीता और अपने चार बेटों—सुजीत, अमरजीत, सर्वजीत व इंद्रजीत के साथ गांव के ही पंचायत भवन में शरण लिए हुए हैं।
छह महीने से चल रही दुश्वारियों की जिंदगी
आशियाना छिन जाने के बाद पिछले छह महीने से यह परिवार पंचायत भवन के एक कोने में अपनी जिंदगी काट रहा है। एक तरफ जहां पूरे परिवार को अपने नए घर के निर्माण की चिंता दिन-रात सता रही है, वहीं दूसरी तरफ उनकी निगाहें शासन-प्रशासन से मिलने वाली मदद की आस में अधिकारियों पर टिकी हुई हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?
इस पूरे मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई, तो राहत की उम्मीद जगी है। ग्राम विकास अधिकारी राजेंद्र भारती ने बताया कि आंधी-तूफान में जले मकान का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और पीड़ित परिवार को योजना के तहत चुन लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही लाभार्थी के बैंक खाते में आवास निर्माण की राशि भेज दी जाएगी।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







