शहाबगंज में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए आय वृद्धि प्रशिक्षण शुरू
सरकारी जमीन को लीज पर देकर पंचायतें होंगी स्वावलंबी
शहाबगंज प्रशिक्षण में ग्राम सचिवों को दिए गए आय सृजन के टिप्स
चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) योजना के तहत दो दिवसीय अनावासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण का प्राथमिक लक्ष्य ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि करना और उन्हें सरकारी योजनाओं पर निर्भरता कम कर स्वावलंबन की ओर ले जाना है। कार्यक्रम में क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों, पंचायत सहायकों और संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिसका शुभारंभ खंड विकास अधिकारी की देखरेख में हुआ।
राजस्व अर्जन के नवाचारों पर ज़ोर
प्रशिक्षक और कंसल्टिंग इंजीनियर, योगेश कुमार सिंह ने पंचायतों की आय बढ़ाने के विभिन्न नवाचारों और व्यावहारिक उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायतों के पास कई ऐसे संसाधन हैं, जिनके उचित उपयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है।

उन्होंने सुझाव दिया कि ग्राम पंचायतें अपनी सरकारी जमीन को लीज पर देकर, साथ ही तालाबों और हाट-बाजारों के संचालन से नियमित राजस्व अर्जित कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत भवन और सामुदायिक भवनों का उपयोग भी आय सृजन के लिए किया जा सकता है।
पारदर्शिता और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन
प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन की तकनीकों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ग्राम पंचायतें अपने संसाधनों का पारदर्शी और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करती हैं, तो न केवल आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। प्रशिक्षण में पंचायत निधियों के प्रभावी उपयोग, पारदर्शिता, और सही लेखा संधारण पर विशेष बल दिया गया।
प्रशिक्षक ने कहा कि ग्राम पंचायतों के स्वावलंबी बनने से विकास योजनाओं पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इस कार्यक्रम में एडीओ पंचायत अरविंद सिंह, साहब सिंह, चंदबली सिंह, राजेंद्र भारती, राम प्रकाश, अजय कुमार, राहुल कुमार सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिव और पंचायत सहायकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






