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शहाबगंज ब्लॉक में भारी वाहनों के दबाव से टूटा रेगुलेटर पुल, 30-40 गांवों का संपर्क कटा, किसानों ने दी चेतावनी!

चंदौली के शहाबगंज ब्लॉक के हड़ौरा गांव में केरायगांव ड्रेन पर बना रेगुलेटर पुल अचानक धंस गया है। इससे 30-40 गांवों का आवागमन और हजारों बीघा खेतों की सिंचाई संकट में है। आक्रोशित किसानों ने मौके पर भारी प्रदर्शन किया। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

केरायगांव ड्रेन का रेगुलेटर पुल धंसा

किसान विकास मंच का जोरदार प्रदर्शन

हादसे से बचने को लगाया लाल कपड़ा

तीस-चालीस गांवों का रास्ता हुआ ठप

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को दी चेतावनी

चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखंड के हड़ौरा गांव में सिंचाई और आवागमन के मुख्य साधन 'केरायगांव ड्रेन रेगुलेटर पुल' के धंसने से हड़कंप मच गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर एकत्रित होकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। दरअसल, बंधी डिवीजन द्वारा सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए केरायगांव ड्रेन पर एक रेगुलेटर का निर्माण कराया गया था, जिसके ऊपर से ग्रामीणों के आने-जाने के लिए पुल भी बनाया गया है। सैदूपुर से केरायगांव तक जाने वाली महत्वपूर्ण लेहरा शाख नहर रोड इसी पुल से होकर गुजरती है, जहाँ नहर का पानी साइफन के माध्यम से ड्रेन के अंदर से होकर निकलता है। इसी साइफन के मोड़ पर बंधी डिवीजन का यह रेगुलेटर स्थित है।

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भारी वाहनों के दबाव से टूटा पुल, ग्रामीणों ने लाल कपड़ा बांधकर टाला हादसा
यह स्थान कृषि और परिवहन के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि इसी रेगुलेटर के माध्यम से क्षेत्र की हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई के लिए पानी जाता है। यह पुल पिछले काफी समय से जर्जर स्थिति में था। विगत 20 मई की रात को भारी वाहनों के अचानक गुजरने के कारण इस रेगुलेटर पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। पुल धंसने से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती थी, जिसे देखते हुए स्थानीय सजग नागरिकों ने धंसे हुए स्थान पर लकड़ी और लाल कपड़ा बांधकर रख दिया, ताकि रात या दिन के समय आने-जाने वाले मुसाफिरों को खतरे का आभास हो सके। सूचना मिलते ही किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और नाराजगी जताई।

30-40 गांवों का आवागमन ठप, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अल्टीमेटम
किसान विकास मंच के मंत्री राम अनंत पांडेय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को तुरंत इस जर्जर पुल को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से इसका निर्माण कराना चाहिए, अन्यथा यहाँ कभी भी भयंकर जानलेवा दुर्घटना हो सकती है। पुल टूटने से फिलहाल आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने इसकी तत्काल मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियर पंकज खेमका से फोन पर वार्ता की और उन्हें सचेत किया कि यह मार्ग क्षेत्र के लगभग 30 से 40 गांवों के लोगों के लिए ब्लॉक मुख्यालय, तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय तक पहुंचने का एकमात्र प्रमुख रास्ता है। इसके क्षतिग्रस्त रहने से न तो लोग आ-जा पाएंगे और न ही खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सकेगा।

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वही, किसान विकास मंच के सलाहकार अशोक सिंह ने इस गंभीर जनसमस्या के त्वरित निवारण के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई है और बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र से सीधी बात की है। इसके साथ ही, प्रधान प्रतिनिधि नित्यानंद ने स्थानीय विधायक कैलाश आचार्य और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह को भी इस जनहित के कार्य से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों की इस ज्वलंत मांग पर तत्काल मौके का स्थलीय निरीक्षण करने और समस्या का स्थाई समाधान कराने का पूरा वचन दिया है।

इस प्रदर्शन और निरीक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से अशोक कुमार सिंह, राम अनंत पांडेय, राम अवध सिंह, प्रधान प्रतिनिधि नित्यानंद, प्रेम नाथ सिंह, दूधनाथ यादव, अमित कुमार यादव, राम पुकार पांडे, विनोद खरवार, मुन्ना गुप्ता, अभिषेक कुमार, बुद्धू यादव, प्रदीप गुप्ता, मैनेजर शाह, छोटू मिश्र, राजीव सिंह और जगदीश रावत सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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