बेन-धरौली आदर्श नहर निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, 6 करोड़ के प्रोजेक्ट में मानक ताक पर
आदर्श नहर निर्माण में बड़ी अनियमितता
छह करोड़ के बजट का दुरुपयोग
मानक के विपरीत घटिया निर्माण सामग्री
शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन पर भ्रष्टाचार के आरोप
जिलाधिकारी से शिकायत की तैयारी
चंदौली जनपद अंतर्गत शहाबगंज विकासखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी बेन-धरौली आदर्श नहर निर्माण योजना विवादों के घेरे में आ गई है। शासन द्वारा किसानों की सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग छह करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि आवंटित की गई है। इस योजना के तहत नहर के विभिन्न फालों पर पुलिया और साइड वॉल का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर किसान विकास मंच ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं और विभाग पर मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
पुराने पत्थरों और दोयम दर्जे की ईंटों का खेल
किसान विकास मंच के सचिव सुरेश मौर्य ने बटौवा फाल पर चल रहे निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कार्यदायी संस्था शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा खुलेआम मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है। आरोप है कि पुलिया और साइड वॉल बनाने में दोयम दर्जे की पुरानी ईंटों का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। इतना ही नहीं, पुरानी स्टोन की दीवारों पर ही सीमेंट का हल्का लेपन कर उसे नया रूप देने की कोशिश की जा रही है, जो कि सीधे तौर पर सरकारी बजट का दुरुपयोग है।
मानक के विपरीत मसाला और सुस्त कार्यप्रणाली
निरीक्षण के दौरान किसानों ने पाया कि निर्माण में प्रयुक्त हो रहे सीमेंट और बालू का अनुपात भी मानक के अनुरूप नहीं है। आरोप है कि दस-एक के अनुपात में बेहद कमजोर मसाला तैयार कर दीवारें खड़ी की जा रही हैं, जो भविष्य में किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। कार्य की गति भी अत्यंत धीमी पाई गई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब भुगतान नए मैटेरियल की दर से लिया जा रहा है, तो पुराने और जर्जर मलबे का इस्तेमाल करना तकनीकी और नैतिक रूप से भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
जिलाधिकारी से शिकायत के बाद आंदोलन की चेतावनी
किसान विकास मंच ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार और सहायक अभियंता राकेश तिवारी समेत सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का निर्णय लिया है। संगठन मंत्री रामअवध सिंह ने कहा कि कार्यकर्ता घटिया ईंटों के नमूने लेकर जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मिलेंगे और दोषी ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। संगठन के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, उपेंद्र सिंह और अयूब खान ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ और दोषियों पर गाज नहीं गिरी, तो किसान सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
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