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रामपुर में पाइप बिछाने को लेकर भिड़े दो पक्ष; लेखपाल की पैमाइश भी बेअसर, अधर में लटकी सैकड़ों बीघा फसल की सिंचाई

चकिया के रामपुर गांव में क्षतिग्रस्त सिंचाई नाली की मरम्मत के लिए पाइप लगाने गई सिंचाई विभाग की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस और लेखपाल की मौजूदगी के बावजूद आपसी सहमति नहीं बनी और विभाग को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

 
 

गोविन्दीपुर राजवाहा राइट कर्मनाशा नहर पर विवाद

किसान अखिलेश यादव के विरोध से कार्य ठप

लेखपाल द्वारा सिंचाई नाली का चिन्हांकन विफल

पाइप न लगने से गेहूं की सिंचाई बाधित

चंदौली जिले के शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत रामपुर गांव में शुक्रवार को सिंचाई विभाग और किसानों के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गोविन्दीपुर राजवाहा राइट कर्मनाशा नहर में पाइप बिछाने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम को किसानों के कड़े विरोध के आगे घुटने टेकने पड़े। आलम यह रहा कि मौके पर भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद विवाद का हल नहीं निकल सका और विभाग के इंजीनियरों को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। इस गतिरोध के कारण क्षेत्र की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल की सिंचाई पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

Shahabganj Irrigation Department Protest, Rampur Village Canal Pipe Issue, Karmanasha Canal Water Dispute

क्षतिग्रस्त नाली बनी विवाद की जड़, फसल सूखने की कगार पर

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, रामपुर गांव के पास सिंचाई विभाग ने हाल ही में एक छलका और पुल का निर्माण कराया था। इस निर्माण कार्य के दौरान पहले से बनी पुरानी सिंचाई नाली क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसी नाली के माध्यम से आसपास के सैकड़ों बीघा खेतों की सिंचाई की जाती थी। नाली टूटने से गेहूं की फसल को पानी नहीं मिल पा रहा था, जिसके चलते किसान विजय यादव, कांता मौर्य और अन्य ग्रामीण लगातार पाइप बिछाकर जलापूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे थे। किसानों की इसी मांग पर शुक्रवार को सहायक अभियंता राकेश तिवारी और जेई रत्नेश यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

Shahabganj Irrigation Department Protest, Rampur Village Canal Pipe Issue, Karmanasha Canal Water Dispute

खेत की जमीन को लेकर अड़े किसान, पैमाइश भी रही बेअसर

जैसे ही विभाग ने पाइप लगाने का काम शुरू किया, स्थानीय किसान अखिलेश यादव ने इसका कड़ा विरोध किया। उनका आरोप था कि विभाग उनकी निजी जमीन में जबरन पाइप डाल रहा है। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और गर्मागर्मी बढ़ गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और हल्का लेखपाल रितेश पांडेय मौके पर पहुंचे। लेखपाल ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर सिंचाई नाली का चिन्हांकन भी किया, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। पुलिस के समझाने के बाद भी जब आपसी सहमति नहीं बनी, तो विभाग ने विवाद बढ़ने के डर से हाथ पीछे खींच लिए।

सिंचाई विभाग का दावा: जल्द निकाला जाएगा समाधान

पाइप न लग पाने से उन किसानों में भारी निराशा है जिनकी फसलें पानी के अभाव में सूख रही हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता राकेश तिवारी ने बताया कि विभाग ने तकनीकी रूप से स्थान को चिन्हित कर लिया है। हालांकि स्थानीय विरोध के कारण शुक्रवार को काम रोकना पड़ा, लेकिन जल्द ही उच्चाधिकारियों से विमर्श कर और पुलिस सुरक्षा के बीच पाइप बिछाने का कार्य पूर्ण किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि किसानों को सिंचाई में हो रही असुविधा को जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि रबी की फसल को नुकसान न हो।

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