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ऐसी है विकास कार्यों की गुणवत्ता: लगता है 1 साल की भी नहीं है 10 लाख की पुल की गारंटी, 6 महीने में दिखने लगी दरार

चंदौली के इलिया क्षेत्र स्थित रोहाखी गांव में मनरेगा के तहत 10 लाख रुपये की लागत से बने पुल की सुरक्षा दीवार निर्माण के मात्र 6 महीने बाद ही बीच से फट गई है। ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

 
 

दस लाख की लागत से निर्माण

छह महीने में दीवार में दरार

मनरेगा के तहत हुआ था चौड़ीकरण

ग्रामीणों ने लगाए करप्शन के आरोप

बीडीओ दिनेश सिंह का जांच आश्वासन

चंदौली जनपद अंतर्गत इलिया विकास खंड के रोहाखी गांव से सरकारी धन के दुरुपयोग और घटिया निर्माण कार्य का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ गांव के संपर्क मार्ग को सुदृढ़ करने के लिए बनाए गए एक पुल की सुरक्षा दीवार निर्माण के मात्र छह महीने के भीतर ही बीच से पूरी तरह फट गई है। दीवार में आई इन गहरी और लंबी दरारों ने सरकारी दावों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

इस नए बने पुल की दीवार के इस तरह टूटने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह दरारें इतनी गहरी हैं कि भविष्य में इसके और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

10 लाख की लागत से मनरेगा के तहत हुआ था काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोहाखी गांव में स्थित इस पुल का हाल ही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के माध्यम से चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया गया था। इस पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में कुल दस लाख रुपये की भारी-भरकम सरकारी धनराशि खर्च की गई थी।

शुरुआती दौर में इस चौड़ीकरण कार्य के होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने लगी थी और लोग खुश थे। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों ने निर्माण कार्य में तय मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया। सीमेंट और सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब होने के कारण ही इतनी जल्दी पुल की सुरक्षा दीवार बीच से दो हिस्सों में बंटने लगी है।

भ्रष्टाचार पर बीडीओ ने दिए जांच के आदेश
इस बदहाली को देखकर रोहाखी गांव के आक्रोशित ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकारी धन की बंदरबांट करने वाले दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा इस टूटी हुई पुलिया की अविलंब मरम्मत कराई जाए।

इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) दिनेश सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता की अनदेखी हुई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और पुलिया को दुरुस्त कराया जाएगा।

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