सेमरा गांव में संविधान पर गोष्ठी, महेन्द्र राव बोले - संविधान ने सभी को समान अधिकार देकर लोकतंत्र को किया मजबूत
शहाबगंज के सेमरा गांव में मौलिक अधिकारों पर विचार गोष्ठी, महेन्द्र राव ने कहा संविधान ने सभी को समानता और स्वतंत्रता दी, बाबा साहब आंबेडकर के योगदान पर हुई विस्तृत चर्चा।
सेमरा गांव में संविधान गोष्ठी
समान अधिकार से मजबूत लोकतंत्र
महेन्द्र राव का संबोधन
बाबा साहब आंबेडकर योगदान चर्चा
मतदान लोकतंत्र की बड़ी शक्ति
चंदौली जिले के विकासखंड शहाबगंज के सेमरा गांव स्थित बगीचे में बुधवार को संवैधानिक मौलिक अधिकारों के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय संविधान और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों को समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इनके प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेन्द्र राव ने कहा कि भारतीय संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। आजादी से पहले समाज के पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की स्थिति काफी दयनीय थी। इन वर्गों के लोगों को शिक्षा सहित कई बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता था। महिलाओं को भी समान अधिकार नहीं मिल पाते थे। आजादी के बाद संविधान ने सभी को बराबर का हक दिया।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद संविधान निर्माण की जिम्मेदारी मिलने पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने ऐसे संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें स्त्री हो या पुरुष, गरीब हो या अमीर, सभी को समान अधिकार और अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की गई। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को शिक्षा प्राप्त करने, अपनी बात रखने, स्वतंत्र रूप से जीवन जीने और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी करने का अधिकार दिया। यही वजह है कि आज हर वर्ग के लोग आगे बढ़ रहे हैं।
महेन्द्र राव ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण शक्तियों में से एक है। इसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक अपनी पसंद के प्रतिनिधि का चुनाव कर सकता है। इसलिए लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और साथ ही अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। अधिकार के साथ कर्तव्य भी जरूरी है।

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, न्याय और भाईचारे की आधारशिला है। समाज में भेदभाव समाप्त करने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बाबा साहब के विचारों को अपनाना आवश्यक है।
इस दौरान निरंजन, मुन्ना भाष्कर, अजय कुमार, अरुण कुमार, घनश्याम, लल्लन बागी, परदेशी राम, संदीप कुमार, मदन, शोभनाथ, रामकरण, रामप्रसाद, विनोद, सुरेन्द्र राव सहित आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण कुमार संत व संचालन सुमित कुमार ने किया।
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