शहाबगंज सहकारी समिति पर सर्वर डाउन, यूरिया के लिए दिनभर लाइन में लगकर खाली हाथ लौटे किसान
शहाबगंज सहकारी समिति पर पास मशीन खराब होने और सर्वर डाउन होने से यूरिया वितरण पूरी तरह ठप रहा। सुबह से लाइन में खड़े किसान दिनभर इंतजार के बाद बिना यूरिया के खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए।
शहाबगंज समिति पर यूरिया वितरण ठप
सर्वर डाउन से किसान दिनभर परेशान
महंगे दामों पर यूरिया खरीद की मजबूरी
धान फसल की बढ़वार पर खतरा
एडीसीओ सतीश सौरभ राय का बयान
चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी होने के बाद फसलों को यूरिया की पहली खुराक की जरूरत है। इसी उम्मीद में बुधवार को शहाबगंज सहकारी समिति पर क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। हालांकि, पास (POS) मशीन न चलने और सर्वर डाउन होने की वजह से पूरे दिन खाद का वितरण नहीं हो सका। सुबह से समिति के बाहर लाइन में खड़े किसान देर शाम तक इंतजार करते रहे और अंत में उन्हें बिना खाद लिए ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।

निजी दुकानों पर महंगे दामों पर खाद खरीदने की मजबूरी
किसानों का आरोप है कि सहकारी समिति पर कभी भी समय से और पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिलती। जब खाद की खेप आती भी है, तो वितरण शुरू होने में तीन-चार दिन का समय लगा दिया जाता है। समिति पर सरकारी दर की जगह किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। बाजार में व्यापारी 320 से 350 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से यूरिया बेच रहे हैं। समय पर खाद न मिलने से धान की फसल की बढ़वार रुकने और उत्पादन घटने की चिंता सता रही है।
वितरण व्यवस्था की खामियों से निजी विक्रेताओं को लाभ
स्थानीय किसानों का कहना है कि समिति की अव्यवस्था और तकनीकी खामियों का सीधा फायदा निजी खाद विक्रेताओं को मिल रहा है। सरकार सस्ते दाम पर खाद देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। किसानों के अनुसार, तकनीकी दिक्कतों के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुँच पा रहा है और उन्हें मजबूरी में कालाबाजारी का शिकार होना पड़ रहा है।
प्रशासनिक अधिकारी का रुख और आश्वासन
मामले को लेकर एडीसीओ सतीश सौरभ राय ने बताया कि बुधवार को तकनीकी कारणों से पास मशीन काम नहीं कर रही थी, जिस वजह से वितरण रुक गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद वितरण की पूरी स्थिति को लेकर समिति के अध्यक्ष से जानकारी ली जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि किसानों को राहत मिल सके।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








