चकिया में अमर शहीद अरुण कुमार पाल की स्मृति में भव्य 'शहीद द्वार' का लोकार्पण, कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
चकिया के शाहपुर निवासी अमर शहीद अरुण कुमार पाल की स्मृति में निर्मित भव्य शहीद गेट का लोकार्पण किया गया। 1994 में कश्मीर में देश सेवा के दौरान शहीद हुए वीर सपूत के सम्मान में आयोजित इस समारोह में देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
शाहपुर के मुख्य मार्ग पर शहीद गेट का लोकार्पण
शहीद अरुण कुमार पाल की स्मृति को नमन
विधायक कैलाश आचार्य ने किया भव्य उद्घाटन
1994 कश्मीर ऑपरेशन के वीर शहीद को सम्मान
देशभक्ति के गीतों और नारों से गूंजा चकिया
अमर शहीद अरुण कुमार पाल की स्मृति में आयोजन, गांव में भव्य 'शहीद द्वार' का लोकार्पण, देशभक्ति के नारों से गूंजा चकिया का शाहपुर
चंदौली जिले के चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक बार फिर देशभक्ति और शहीद सम्मान का अनुपम उदाहरण देखने को मिला। चकिया-इलिया मार्ग पर स्थित बरहुआ गांव के समीप, शाहपुर गांव के वीर सपूत शहीद अरुण कुमार पाल की पावन स्मृति में नवनिर्मित 'शहीद गेट' का रविवार को भव्य लोकार्पण किया गया। इस गौरवमयी पल के साक्षी बनने के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और भारी संख्या में ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
चंदौली जिला के चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चकिया इलिया मार्ग पर स्थित बरहुआ गांव के समीप शाहपुर गांव निवासी शहीद अरुण कुमार पाल की स्मृति में शाहपुर गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर निर्मित शहीद गेट का रविवार को भव्य एवं सम्मानपूर्ण वातावरण में लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति और शहीद सम्मान का भाव देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक कैलाश आचार्य एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने शहीद अरुण कुमार पाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बताया गया कि शाहपुर गांव निवासी अरुण कुमार पाल वर्ष 1994 में जम्मू-कश्मीर में देश की सुरक्षा के लिए तैनात थे। इसी दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान एवं ड्यूटी के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की थी। उनके बलिदान को आज भी क्षेत्र के लोग गर्व और सम्मान के साथ याद करते हैं। गांव और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि शहीद की स्मृति में एक भव्य गेट का निर्माण कराया जाए, जिसे अब पूरा कर लिया गया है।
लोकार्पण के बाद बरहुआ स्थित अंबेडकर पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों का सम्मान करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीदों के सम्मान में लगातार कार्य कर रही है तथा विभिन्न स्थानों पर स्मारक, शहीद द्वार और अन्य जनहितकारी निर्माण कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित करने की आवश्यकता होगी, वहां वह सदैव सहयोग के लिए तैयार रहेंगे।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने कहा कि शहीद अरुण कुमार पाल की पत्नी उर्मिला पाल ने उनसे मिलकर शहीद के नाम पर गेट निर्माण कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान सर्वोपरि है, इसलिए बिना विलंब के तत्काल गेट निर्माण का कार्य कराया गया। उन्होंने कहा कि जिले में शहीदों के सम्मान से जुड़ा कोई भी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाता है।

कार्यक्रम में मौजूद सहायक कमांडेंट अजय कुमार ने कहा कि शहीद अरुण कुमार पाल जैसे वीर जवान देश की सेना और समाज दोनों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिक कभी मरते नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में अमर हो जाते हैं। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति की भावना को आत्मसात करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद अरुण कुमार पाल के बलिदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे वीर सपूतों की स्मृतियां हमेशा युवाओं को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करती रहेंगी। कार्यक्रम में भारत माता के जयकारों और शहीद अमर रहें के नारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर सहायक कमांडेंट अजय कुमार, पूर्व सैनिक विजय कुमार सिंह, राजवंत सिंह फौजी, समाजसेवी डॉ. गीता शुक्ला, फूलचंद पाल, राममूरत पाल, संतोष पाल, रमेश मौर्य, उपेंद्र पांडेय, अस्पताली सिंह, अरविंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र पाल एडवोकेट ने किया।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








