चंदौली के शिकारगंज में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने लगाई चौपाल, राशन कार्ड और विधवा पेंशन की समस्याओं का मौके पर निस्तारण
चंदौली जिले के चकिया विकासखंड स्थित शिकारगंज गांव में मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को राशन कार्ड और पेंशन से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
चकिया ब्लॉक के शिकारगंज गांव में डीएम की ग्राम चौपाल
ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर (ऑन-द-स्पॉट) समाधान
आपूर्ति इंस्पेक्टर को पात्रों के राशन कार्ड बनाने के सख्त निर्देश
विधवा पेंशन के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश
डीएम ने गांव का भ्रमण कर कच्चे मकानों और शौचालयों की स्थिति का लिया जायजा
उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चंदौली प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में मंगलवार (24 मार्च 2026) की देर शाम चकिया विकासखंड के शिकारगंज गांव में जिलाधिकारी (DM) चंद्र मोहन गर्ग के नेतृत्व में एक वृहद ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनना, नई सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ दिलाना था।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ ऑन-द-स्पॉट समाधान
ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी के साथ उप जिलाधिकारी (SDM), खण्ड विकास अधिकारी (BDO) विकास सिंह, राजस्व निरीक्षक, एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान और आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूरा प्रशासनिक अमला एक साथ मौजूद होने के कारण ग्रामीणों की कई शंकाओं का निवारण और समस्याओं का निस्तारण मौके पर ही (ऑन-द-स्पॉट) कर दिया गया।
चौपाल के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पात्र होने के बावजूद राशन कार्ड न होने की समस्या उठाई। इस पर डीएम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए आपूर्ति इंस्पेक्टर को पात्र परिवारों के राशन कार्ड जल्द से जल्द बनाने के सख्त निर्देश दिए। इसी तरह, एक महिला द्वारा विधवा पेंशन न मिलने की बात सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को तत्काल पेंशन प्रक्रिया पूरी कर इसे स्वीकृत करने का आदेश दिया।
लाभार्थियों की सूची पढ़कर जांची गई पात्रता
जिलाधिकारी ने केवल समस्याएं ही नहीं सुनीं, बल्कि गांव में अब तक कराए गए विकास कार्यों का ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लेकर भौतिक सत्यापन भी किया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगामी योजनाओं में स्वीकृत लाभार्थियों की सूची सबके सामने पढ़कर उनकी पात्रता की गहन जांच की गई।
अंत में, जिलाधिकारी ने पैदल ही पूरे गांव का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कच्चे मकानों, शौचालयों, चकरोड (गांव के रास्तों) और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों की जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनका संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर और शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
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