आखिर कब अपना बकाया टैक्स जमा करेंगे चेयरमैन साहब, क्या है गौरव श्रीवास्तव का प्लान

विकास कार्यों में टैक्स देना सबकी जिम्मेदारी
अध्यक्ष पर टैक्स का बकाया होना दे रहा गलत संदेश
अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार चौधरी के अगले एक्शन पर भी नजर
चंदौली जिले की चकिया नगर पंचायत क्षेत्र में कर लगाकर पंचायत की आर्थिक स्थिति सुधारने की योजना तो बनायी गयी, लेकिन कई वर्षों से नगर पंचायत चकिया में लॉन सहित कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का फैसला टांय-टांय फिस्स साबित होता जा रहा है, क्योंकि यह फैसला लागू करने वाली पंचायत के चेयरमैन ही टैक्स नहीं देना चाह रहे हैं, ऐसे में आज की स्थिति में बिना भेदभाव के पार्दर्शिता के साथ नगर पंचायत चकिया में टैक्स वसूलना आसान नहीं दिखायी दे रहा है।

बताया जा रहा है कि कई लॉन मालिक के साथ प्रथम नागरिक व नगर पंचायत अध्यक्ष के लॉन के लिए भी नोटिस जारी करके बकाया जमा करने के लिए कहा जा रहा है। अब तक पैसा जमा न किए जाने को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने अपने खिलाफ जारी नोटिस की सूचना को सार्वजनिक कर नगर के उन लोगों संदेश देने की कोशिश की, जो लम्बे समय से लॉन तो चला रहे हैं, लेकिन लाइसेंस शुल्क नहीं जमा कर रहें थे।

मैरिज लॉन चलाने वालों को यह संदेश दिया हैं कि हमारी नगर पंचायत पारदर्शिता से चलेगी और सबको अपने बकाए टैक्स को देना होगा। अगर कोई सभासद या चेयरमैन पर भी कोई बकाया है तो उनको भी टैक्स देना ही होगा। टैक्स वसूलने में कोई भेद-भाव नहीं होगा। सभी को अपने अपने टैक्स जमा करने होंगे।
आज आदर्श नगर पंचायत चकिया पूरे जनपद में विकास, सफाई में अव्वल बनने की ओर है और पूरा कस्बा लाइटिंग से जगमगाता हुआ नजर आता है। लेकिन कुछ और सेवाएं व सुविधाएं बढ़ानी है तो टैक्स भी देने होंगे। चकिया के रहने वाले अजय राय ने कहा कि सभी को समय से टैक्स देना चाहिए। चेयरमैन साहब को भी अपना बकाया टैक्स देकर एक नयी पहल करनी चाहिए, ताकि भाजपा सरकार के प्रतिनिधि के रूप में एक संदेश दे सकें कि टैक्स देने में भाजपा के नेता व कार्यकर्ता भी पीछे नहीं हैं।
चंदौली जिला के चकिया नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार चौधरी ने नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव और एक सभासद समेत 6 लोगों को नोटिस जारी करके टैक्स देने की याद दिलायी थी, लेकिन अभी तक लोगों ने टैक्स जमा नहीं किया, इससे सियासी गलियारे में खलबली मची हुई है।
नगर पंचायत अध्यक्ष और सभासद को नोटिस जारी करने के पीछे की वजह बताते हुए अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 2006 में एक नियम बनाया गया था, जिसमें मैरिज लॉन संचालकों को 39 मद लाइसेंसिंग शुल्क जमा करना होता है। वर्तमान अध्यक्ष सहित 6 लान संचालकों ने कई वर्षों से यह शुल्क जमा नहीं किया है। अध्यक्ष के कारण अन्य लॉन संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। लिहाजा ईओ ने राजस्व हित को देखते हुए सभी 6 लॉन संचालकों को शुल्क जमा करने के बाबत नोटिस जारी कर दी।
1. गौरव श्रीवास्तव पुत्र स्व. जुबरेश लाल श्रीवास्तव, वार्ड नं 11 के नाम से लक्ष्मी लॉन का 5 हजार का लाइसेंस शुल्क बकाया है।
2. अरूण कुमार मिश्रा पुत्र स्व. व्यास जी मिश्रा, वार्ड नं 9, सिंगार वाटिका का भी 5 हजार का लाइसेंस शुल्क बकाया है।
3. अनुराग जायसवाल पुत्र अनुरूप जायसवाल, निवासी सोनहुल के लक्ष्मी पैलेस पर भी 2 हजार का लाइसेंस शुल्क बकाया था, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद जमा कर दिया है।
५. राजेन्द्र जायसवाल पुत्र स्व लालजी जायसवाल के नाम से वार्ड नंबर 9 में सगुन लान चलता है, जिसका 10 हजार लाइसेंस शुल्क बकाया है।
6. मंशा राम तिवारी स्व. सियाराम तिवारी, गांव भैसही के मानस मंडप का भी 9 हजार का लाइसेंस शुल्क बकाया है।
जानकारी में यह कहा जा रहा है कि इलाके के 2 अन्य लॉन पर भी लाइसेंस शुल्क बकाया है। उनका भी टैक्स जमा नहीं हुआ है।
नगर वासियों का कहना है कि अगर चेयरमैन ही टैक्स और लाइसेंस फीस नहीं देंगे तो बाकी लोग भी टैक्स देने में आनाकानी करेंगे। ऐसे में नगर पंचायत की स्थिति और खराब होगी और विकास कार्य प्रभावित होंगे। इसके लिए गौरव श्रीवास्तव को दिल बड़ा करके सारा बकाया जमा करके नगर वालों को प्रेरित करना चाहिए।
एक पूर्व सभासद का कहना है कि भाजपा के चेयरमैन केवल 5 हजार का लाइसेंस फीस न जमा करके क्या जताना चाह रहे हैं। हर साल लाखों की कमाई करने वाले लोग अगर 5-10 हजार के टैक्स देने में आनाकानी करते हैं। इसका मतलब साफ है कि वह सत्ता की हनक दिखाना चाह रहे हैं और नोटिस जारी करने के बाद भी बकाया जमा नहीं कर पाए हैं।
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