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संयुक्त किसान मोर्चा का चकिया में जेल भरो आंदोलन, सैकड़ों किसानों ने SDM को सौंपा ज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर चकिया में सैकड़ों किसानों और मजदूरों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जेल भरो आंदोलन किया। राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मनरेगा मजदूरी बढ़ाने और एफटीए के विरोध समेत कई मांगें रखीं।

 
 

संयुक्त किसान मोर्चा का जेल भरो आंदोलन

भारत-अमेरिका एफटीए समझौते का कड़ा विरोध

मनरेगा में 700 रुपये दिहाड़ी की मांग

स्मार्ट मीटर और निजीकरण पर रोक की मांग

एसडीएम विकास मित्तल को सौंपा ज्ञापन

चंदौली जिले के चकिया में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को किसान और मजदूर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। चकिया तहसील परिसर में आयोजित इस 'जेल भरो आंदोलन' में सैकड़ों की संख्या में किसान व मजदूर हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को बुलंद किया।

भारत-अमेरिका एफटीए और निजीकरण का कड़ा विरोध
आंदोलन के दौरान किसान नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को किसान विरोधी बताते हुए इसका तीखा विरोध किया। नेताओं का कहना था कि ऐसे समझौतों से देश के कृषि क्षेत्र पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा, चार नई श्रम संहिताओं, बिजली के निजीकरण, स्मार्ट मीटर लगाने और सरकारी शिक्षण संस्थानों के निजीकरण पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई।

मनरेगा में 700 रुपये दिहाड़ी और 200 दिन के काम की मांग
मजदूरों और किसानों के अधिकारों की बात करते हुए संगठनों ने न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रमुख मांगों में मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी को बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने और हर परिवार को साल में कम से कम 200 दिन का रोजगार देने की बात शामिल थी।

स्थानीय समस्याओं, खनन और भूमि आवंटन पर उठी आवाज
प्रदर्शनकारियों ने चकिया क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। अतिपिछड़े चंदौली जनपद में भूमि अधिग्रहण की समस्याओं के निस्तारण, चकिया की पहाड़ियों में अवैध खनन पर रोक लगाने और जीएस, परती व बंजर भूमि को भूमिहीन गरीबों में बांटने की मांग की गई।

एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
इस प्रदर्शन में भाकपा माले नेता अनिल पासवान और सीपीएम जिला मंत्री लालचंद एडवोकेट समेत कई बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के अंत में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से उपजिलाधिकारी विकास मित्तल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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