विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने ली उन्मूलन की शपथ, जागरूकता पर जोर
विश्व मलेरिया दिवस पर शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मियों ने मलेरिया उन्मूलन की शपथ ली। चिकित्सकों ने साफ-सफाई, जल निकासी और मच्छरदानी के उपयोग को बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका बताया।
शहाबगंज स्वास्थ्य केंद्र पर मलेरिया दिवस का आयोजन
मलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का संकल्प
साफ-सफाई और जल निकासी पर विशेष जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया जागरूकता अभियान
सोते समय मच्छरदानी का नियमित उपयोग सुनिश्चित
मलेरिया मुक्त भारत का संकल्प, शहाबगंज स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, स्वास्थ्य कर्मियों ने जगाई जागरूकता की अलख
चंदौली जिले में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जनपद के शहाबगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने एकजुट होकर मलेरिया उन्मूलन की दिशा में सशक्त शपथ ली और आमजन को इस घातक बीमारी के प्रति जागरूक करने का संकल्प दोहराया।
मलेरिया उन्मूलन का लिया संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा शपथ लेने के साथ हुई। फार्मासिस्ट श्रवण कुमार ने सभी चिकित्सकों, एएनएम और कर्मचारियों को मलेरिया मुक्त भारत के निर्माण की शपथ दिलाई। सभी ने हाथ उठाकर यह संकल्प दोहराया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में न केवल लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक करेंगे, बल्कि समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने में भी पूरी तत्परता दिखाएंगे। स्वच्छता को एक जन-आंदोलन बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
सावधानी और रोकथाम के उपाय
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. रजनीश ने कहा कि मलेरिया एक गंभीर बीमारी तो है, लेकिन यह पूरी तरह से रोकथाम योग्य भी है। उन्होंने बताया कि समय पर सही पहचान और उपचार ही इसके नियंत्रण का सबसे कारगर तरीका है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. रजनीश ने कहा, "बरसात के मौसम में जलजमाव मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बनता है। इसलिए जल निकासी और अपने आस-पास साफ-सफाई बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।" स्वास्थ्य कर्मियों ने आम नागरिकों से अपील की कि वे सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार आने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर रक्त की जांच कराएं।
घर-घर तक पहुंचेगी जागरूकता
स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर भी रणनीति तैयार की है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया के लक्षण जैसे तेज बुखार, ठंड लगना और पसीना आने के बारे में जानकारी दें। कार्यक्रम में डॉ. अमित जायसवाल, स्टाफ नर्स सुनीता रानी, बिंदेश्वरी प्रसाद, लाल बिहारी और सतीश गुप्ता सहित स्वास्थ्य केंद्र के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








