मिर्गी से पीड़ित महिला के गर्भाशय से चार किलोग्राम का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला
तीन वर्षों से दर्द और रक्तस्राव से जूझ रही थी महिला
मात्र चार ग्राम हीमोग्लोबिन
निजी अस्पतालों ने किया ऑपरेशन से इनकार
डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया चार किलो का ट्यूमर
चंदौली जिले के बाबा कीनाराम चिकित्सा महाविद्यालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम ने एक और बड़ी चिकित्सा सफलता दर्ज की है। सोमवार और मंगलवार को विभाग ने तीन महिलाओं के गर्भाशय की जटिल सर्जरी की। इनमें सबसे चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन मिर्गी से पीड़ित महिला का रहा, जिसके गर्भाशय से चिकित्सकों ने चार किलोग्राम वज़नी ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।
मरीज की हालत थी गंभीर
जिला अस्पताल के पास रहने वाली यह महिला पिछले तीन वर्षों से असामान्य रक्तस्राव और पेट दर्द से पीड़ित थी। लगातार इलाज कराने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र चार ग्राम पाया गया, जिसके कारण निजी चिकित्सालयों ने सर्जरी करने से मना कर दिया था।
चिकित्सा टीम की मेहनत
महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में परामर्श के बाद प्रोफेसर मंजरी गुप्ता की देखरेख में ऑपरेशन किया गया। टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक लगातार प्रयास करके चार किलो का ट्यूमर गर्भाशय से बाहर निकाला।
अन्य महिलाओं का भी ऑपरेशन
इसी दौरान अन्य दो महिलाओं के गर्भाशय से भी क्रमशः 2.5 किलोग्राम और 2.3 किलोग्राम के ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाले गए। तीनों मरीज वर्तमान में स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
टीम को मिली सराहना
चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित सिंह और उप प्राचार्य डॉ. पारुल ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी। सर्जरी में प्रो. मंजरी गुप्ता के साथ डॉ. जूही देशपांडे, डॉ. हरजीत कौर, डॉ. सुजाता सिंह और डॉ. शगुन तिवारी शामिल रहीं। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अजय प्रकाश की अगुवाई में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वजन ने जताया आभार
महिला के परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अब उनकी बेटी/बहन को नया जीवन मिला है। लंबे समय से चल रहे दर्द और परेशानी का अंत हुआ।
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