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फोर्टिफाइड चावल के लिए चंदौली में चलेगा अभियान, गांव-गांव जाकर समझाएंगे अफसर
आयुक्त खाद्य व रसद विभाग के निर्देश के बाद चंदौली जिले में कुपोषण की बीमारी से लड़ने में कारगर फोर्टिफाइड चावल को लेकर लोगों में भ्रांतियों को दूर करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से एक बड़ा व व्यापक जन जागरुकता अभियान चलाये जाने की तैयारियां की जा रही हैं
 
तीन माह में सौ गांवों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा जा रहा

आयुक्त खाद्य व रसद विभाग के निर्देश के बाद चंदौली जिले में कुपोषण की बीमारी से लड़ने में कारगर फोर्टिफाइड चावल को लेकर लोगों में भ्रांतियों को दूर करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से एक बड़ा व व्यापक जन जागरुकता अभियान चलाये जाने की तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए मोबाइल वैन गांव-गांव भ्रमण कर फोर्टिफाइड चावल की गुणवत्ता व उपयोगिता बताएगी। साथ ही कुकिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें फोर्टिफाइड चावल बनाकर लोगों को दिखाया जाएगा। आयुक्त खाद्य व रसद विभाग के निर्देश के बाद प्रशासन आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गया है।

Fortified Rice Awareness Campaign


जिले के जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि मोबाइल आईसी वैन के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। तीन माह में सौ गांवों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा जा रहा है। इस दौरान इन गांवों में फोर्टिफाइड चावल की उपयोगिता बताने के लिए चर्चाओं व गोष्ठियों के साथ साथ व्याख्यान्न के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

इन अफसरों पर जिम्मा 

बताया जा रहा है कि इसमें ACMO स्तर के चिकित्साधिकारी, PHC के प्रभारी चिकित्साधिकारी, डिप्टी RMO, विपणन निरीक्षक, BSA, BEO व समस्त CDPO के साथ ही उनके अधीनस्थ कर्मी इसमें प्रतिभाग करेंगे। ये सभी अधिकारी व कर्मचारी लोगों को फोर्टिफाइड चावल से होने वाले फायदे बताएंगे और सरकार द्वारा दिए जा रहे चावल के उपयोग के अच्छे तरीके भी समझाएंगे।

ऐसे तैयार होता है फोर्टिफाइड चावल

जिले के जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल में फोलिक एसिड व आयरन की मात्रा पाई जाती है। इसको तैयार करने के लिए सामान्य चावल को पीसकर इसमें पोषण तत्वों की मिलावट के बाद कृत्रिम दाना तैयार किया जाता है। फिर राइस मिलों में सामान्य चावल के सौ दानों में एक दाना फोर्टिफाइड का मिलाया जाता है। इसके लिए मिलरों ने विशेष तरीके की मशीनें लगाई हैं। फोर्टिफाइड चावल का वितरण कोटे की दुकान, मध्याह्न भोजन योजना में किया जाता है, ताकि पौष्टिक अनाज गरीबों तक पहुंच सके।

आपको बता दें कि शासन ने प्रदेश में सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आकांक्षी जिले में फोर्टिफाइड चावल का वितरण शुरू कराया था। अब इसे कई जिलों में वितरित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए आगामी 28 अप्रैल को अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें संबंधित विभागों के समस्त अधिकारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। मीटिंग में फोर्टिफाइड चावल के प्रचार प्रसार के लिए गांव स्तर पर होने वाले आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और सबको शासन के निर्देशों से अवत कराया जाएगा।