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पोषण के लिए सितंबर तक चलेगा 'संभव' अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच वर्ष तक के बच्चों की होगी स्क्रीनिंग
प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पोषण पंचायत का आयोजन किया जायेगा, जिसमें चिह्नित कुपोषित बच्चों के परिवारों को अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में  वंचित परिवारों को लाभान्वित किया जायेगा।   
    
 

अभियान में चिन्हित किये जायेंगे कुपोषित व अति कुपोषित बच्चे

स्वास्थ्य प्रबंधन के साथ होगी निगरानी

डीपीओ चंदौली का दावा             
 

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वावधान में  जिले में जुलाई से सितम्बर तक “संभव” अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मासिक  थीम पर आधारित गतिविधियों का आयोजन समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर किया जा रहा है| 
    जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) जया त्रिपाठी ने कहा कि अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पाँच वर्ष तक के बच्चों का वजन, लंबाई, ऊंचाई लेते हुए गंभीर कुपोषित (सैम) और गंभीर अल्पवजन के बच्चों को चिन्हित कर  रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रबंधन व निगरानी भी की जा रही है।

 ‘संभव’- पोषण संवर्धन की ओर एक कदम अभियान का विशेष आयोजन जिले के 1873 आंगनबाड़ी  केंद्रों पर किया जा रहा है । डीपीओ ने कहा कि संभव अभियान का मुख्य  उद्देश्य पाँच वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत वजन, लंबाई व ऊंचाई लेकर कुपोषित बच्चों की  पहचान कर स्वास्थ्य प्रबंधन किया जाएगा। इस माह की थीम के अंतर्गत लम्बाई, वजन और उम्र के सापेक्ष वजन के आधार पर सैम, मैम और गम्भीर रूप से कम वजन के बच्चों के पहचान की प्रक्रिया में 1,85,461 बच्चों का वजन और लंबाई ली गयी जिसमें 1211 बच्चे आयु के आधार पर गंभीर अल्पवजन के  चिन्हित हुए तथा 5203 बच्चे मध्यम अल्प वजन के चिन्हांकित हुए जिनकी निगरानी 1873 आँगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा की जा रही है।

 AWW Centers DPO Chandauli

इसके साथ ही मातृ पोषण एवं स्तनपान प्रोत्साहन के लिए भी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं,  जिसके तहत जिले की 12,612 धात्री माताओं को इस माह के प्रथम सप्ताह में गर्भावस्था के आखिरी त्रैमास में स्तनपान प्रोत्साहन, द्वितीय सप्ताह में जन्म के समय कम वजन के बच्चे की देखभाल, तृतीय सप्ताह में कंगारु मदर केयर तथा चतुर्थ सप्ताह में स्तनपान तकनीकी जुड़ाव तथा स्थिति के बारे में जागरूक किया जा रहा है । पोषण पाठशाला तथा पोषण उत्सव का भी आयोजन किया जायेगा।


    
अगस्त में ऊपरी आहार को बढ़ावा तथा सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाते हुये दस्त से बचाव, एनीमिया प्रबंधन व जीवन के प्रथम 1000 दिन को थीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पोषण पंचायत का आयोजन किया जायेगा, जिसमें चिह्नित कुपोषित बच्चों के परिवारों को अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में  वंचित परिवारों को लाभान्वित किया जायेगा।   
    
सितंबर में ही पोषण चौपाल का आयोजन किया जायेगा, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज विभाग के साथ शिक्षक, एएनएम, आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, समूह सखी, पंचायत विभाग के कर्मचारियों तथा ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों के साथ परिचर्चा की जायेगी। अक्टूबर माह में अभियान का मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान में अच्छे कार्य करने वाले बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को जिलाधिकारी द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। इस अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, पूर्ति विभाग, ग्राम  विकास, आयुष, पशुपालन विभाग का सहयोग लेते हुए कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण किया जाएगा।

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