ARTO सर्वेश गौतम ने महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर, कहा- केवल 6 प्रतिशत महिलाएं ही DL के लिए करती हैं अप्लाई
मिशन शक्ति में महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर
ड्राइविंग लाइसेंस आवेदनों को बढ़ाने की पहल
ARTO डॉ. सर्वेश गौतम ने लड़कियों से आगे बढ़ने की अपील की
चंदौली जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन' के संकल्प को साकार करने वाले मिशन शक्ति अभियान के पाँचवें चरण (5.0) के तहत, शुक्रवार को चंदौली में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। उप सम्भागीय परिवहन कार्यालय (ARTO), चंदौली में आयोजित इस कार्यक्रम में बाबा कीनाराम डिजिटल लाइब्रेरी, चंदौली की छात्राओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस गोष्ठी का मुख्य फोकस महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था।

महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान, महिला सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। छात्राओं को जनसंख्या अनुपात, जन्म-मृत्यु दर, लिंगानुपात, स्कूल ड्रॉपआउट, बाल विवाह, लैंगिक शोषण, संस्थागत प्रसव, साक्षरता दर और महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाली हिंसा जैसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस चर्चा का उद्देश्य छात्राओं को समाज में व्याप्त चुनौतियों और उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना था।
इसके साथ ही, बालिकाओं को सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारीवर्धक वीडियो क्लिप भी दिखाई गईं। इन वीडियो क्लिप्स के माध्यम से उन्हें न केवल यातायात नियमों से परिचित कराया गया, बल्कि मिशन शक्ति-5.0 के व्यापक उद्देश्यों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को समझने में भी मदद मिली।

ड्राइविंग लाइसेंस आवेदनों में वृद्धि पर विशेष ध्यान
गोष्ठी को संबोधित करते हुए सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) डॉ. सर्वेश गौतम ने महिला सशक्तिकरण के मूल आधार के रूप में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि जनपद चंदौली में मात्र 6 प्रतिशत महिलाएं ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करती हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि महिलाओं में आत्मनिर्भरता के एक महत्वपूर्ण पहलू—वाहन चालन—में अभी भी संकोच या जागरूकता की कमी है।
इस अंतर को पाटने के लिए, डॉ. गौतम ने परिवहन विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वे महिलाओं को रियायती दरों पर ड्राइविंग प्रशिक्षण उपलब्ध कराएँ। इस पहल का सीधा उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को ड्राइविंग सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और आवागमन के लिए किसी पर निर्भर न रहें।
डॉ. गौतम ने कहा, "महिलाओं का अपने पैरों पर खड़ा होना और स्वयं को सुरक्षित महसूस करना ही मिशन शक्ति की सफलता है। ड्राइविंग सीखना आज के दौर में केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी है।"
छात्राओं को प्रोत्साहन और विचारों का आदान-प्रदान
कार्यक्रम के अंत में, डॉ. गौतम ने सड़क सुरक्षा कार्यक्रम और मिशन शक्ति-5.0 गोष्ठी में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने वाली 26 छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं ने भी अपने विचारों को उत्साहपूर्वक साझा किया। उन्होंने महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज में अपनी सक्रिय भागीदारी को लेकर अपनी आकांक्षाएं व्यक्त कीं। छात्राओं ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम उन्हें अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक बनाते हैं और उन्हें समाज के निर्माण में एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
चंदौली में आयोजित यह गोष्ठी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि मिशन शक्ति अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, कानूनी और व्यावहारिक स्तर पर सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जिसका एक बड़ा हिस्सा उन्हें ड्राइविंग के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना भी है।
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