NRHM Scammed Case: चंदौली के पूर्व CMO समेत 3 दोषियों को 5-5 साल की जेल, CBI कोर्ट ने लगाया जुर्माना
चंदौली में NRHM योजना के तहत कॉपर-टी खरीद में हुए धांधली के मामले में सीबीआई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व CMO सहित 3 लोगों को दोषी मानते हुए 5-5 साल की सजा और जुर्माना ठोका है। पूरी खबर पढ़ें।
चंदौली स्वास्थ्य विभाग एनआरएचएम घोटाला केस
पूर्व सीएमओ डॉ विभूति प्रसाद को सजा
विशेष सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला
कॉपर टी खरीद में सरकारी राजस्व क्षति
गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने चंदौली जिले के स्वास्थ्य विभाग में हुए चर्चित एनआरएचएम (NRHM) घोटाले के मामले में मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया। पीठासीन अधिकारी अवनीश कुमार पांडेय की कोर्ट ने मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
किन-किन को मिली सजा
अदालत ने जिन तीन लोगों को इस घोटाले में दोषी पाया है, उनमें चंदौली के तत्कालीन सीएमओ (परिवार कल्याण) डॉ. विभूति प्रसाद, उपभोक्ता सहकारी संघ लखनऊ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल जायसवाल और दवा कारोबारी सुरेंद्र पांडेय शामिल हैं। कोर्ट ने सजा के साथ-साथ तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है।
क्या था कॉपर-टी खरीद का पूरा मामला
यह पूरा मामला साल 2008 से 2010 के बीच का है, जब महिलाओं में गर्भधारण रोकने के लिए 21,694 कॉपर-टी की खरीद की गई थी। आरोप लगा था कि इस खरीद प्रक्रिया में सरकारी नियमों की जमकर अनदेखी की गई। सीबीआई की जांच में सामने आया कि इस धांधली के कारण सरकारी खजाने को करीब 8.22 लाख रुपये की सीधी चपत लगी थी।
10 साल चली लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद सीबीआई ने साल 2014 में एफआईआर दर्ज की थी और जांच पूरी कर 15 दिसंबर 2015 को आरोप पत्र दाखिल किया। पिछले 10 सालों से चल रही अदालती सुनवाई के दौरान कई गवाह और ठोस साक्ष्य पेश किए गए। सभी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी मानते हुए यह सख्त फैसला सुनाया है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







