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चंदौली के 9 ब्लॉकों के 380 गांवों में हो सकेगी शहर जैसी पढ़ाई: वाई-फाई, कंप्यूटर और धार्मिक पुस्तकों से लैस होंगी गांव की लाइब्रेरी

चंदौली के ग्रामीण इलाकों के बच्चों और युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। जिले के नौ ब्लॉकों में 380 डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं, जहां वाई-फाई, कंप्यूटर, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें और वाई-फाई की सुविधाएं मिलेंगी।

 

चंदौली में बनेगी 380 डिजिटल लाइब्रेरी

पहले चरण में 195 लाइब्रेरी स्थापित

वाई-फाई, कंप्यूटर और किताबों की सुविधा

शहाबगंज के 22 गांवों में लाइब्रेरी

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होगी आसान

चंदौली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक शानदार पहल की गई है। ग्राम सचिवालयों और पंचायत भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है, जिससे गांव के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस योजना के तहत जिले के सभी नौ ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में कुल 380 डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

पहले चरण में 195 लाइब्रेरी की स्थापना जारी
पंचायती राज विभाग की ओर से इस योजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में 195 डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं, जिसके लिए किताबें, आधुनिक फर्नीचर, वाई-फाई, कंप्यूटर, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी और अन्य आईटी उपकरण लगाए जा रहे हैं। इसके बाद दूसरे चरण में बाकी बची 195 लाइब्रेरी तैयार की जाएंगी। इस पहल को लेकर गांव के छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

शहाबगंज के 22 गांवों में बन रही है लाइब्रेरी
विकास खंड शहाबगंज की बात करें तो यहां की 22 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। पहले चरण में शहाबगंज की छह ग्राम पंचायतों में यह काम शुरु हो चुका है, जिसमें राममाड़ो, वनभीषमपुर, शहाबगंज, बनरसिया, खरौंझा और सारंगपुर में इसका संचालन शुरू हो चुका है। वहीं दूसरे चरण में बयापुर, बेलावर, करनौल, छित्तमपुर, कवलपुरा खास, सेमरा, लेहरा खास, नौडिहा, मसोई, मुबारकपुर, कलानी, विशुनपुरवा, मल्हार, बेन, जेगुरी, हड़ौरा, कोड़िहार, पालपुर, सीहर और पड़रिया समेत 22 ग्राम पंचायतों में निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

क्लास 1 से इंटरमीडिएट और प्रतियोगी परीक्षाओं का स्टडी मटीरियल
इन डिजिटल लाइब्रेरी में एनसीईआरटी की कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक की पुस्तकों के अलावा सामान्य ज्ञान, करेंट अफेयर्स और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित बेहद उपयोगी किताबें रखी गई हैं। लाइब्रेरी में हाई-स्पीड वाई-फाई और कंप्यूटर की सुविधा होने से विद्यार्थी इंटरनेट और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन शिक्षण सामग्री का लाभ उठा सकेंगे। इससे ऑनलाइन मॉक टेस्ट, वीडियो लेक्चर और करेंट अफेयर्स की जानकारी पाना काफी आसान हो जाएगा।

बुजुर्गों के लिए धार्मिक और साहित्यिक किताबें भी होंगी मौजूद
डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ केवल विद्यार्थियों तक ही सीमित नहीं रहेगा। गांव के बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के लिए भी यहां विशेष व्यवस्था की गई है। लाइब्रेरी में धार्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें कहानियां और उपन्यास शामिल हैं। इससे गांव के हर वर्ग के लोग अपनी रुचि के अनुसार पठन-पाठन कर सकेंगे।

अधिकारियों ने बताया योजना का उद्देश्य
एडीओ पंचायत अरविंद सिंह ने बताया कि शहाबगंज ब्लॉक के छह ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी चालू हो चुकी है और बाकी में काम चल रहा है। वहीं डीपीआरओ अविनाश कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं, ताकि गांव के मेधावी बच्चों को गांव में ही बेहतर अध्ययन सामग्री मिल सके और वे यूपीएससी, एसएससी, रेलवे और पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं की तैयारी कम खर्च में आसानी से कर सकें।

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