बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में दलालों पर एक्शन: 15 संदिग्धों की लिस्ट तैयार, ASP को भेजी गई रिपोर्ट
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में मरीजों को झांसा देकर निजी सेंटरों पर भेजने वाले 12 से 15 दलालों को चिह्नित किया गया है। प्राचार्य के निर्देश पर यह सूची एएसपी को भेज दी गई है।
मेडिकल कॉलेज में दलालों पर कसा शिकंजा
15 संदिग्धों की सूची एएसपी को भेजी
निजी जांच सेंटरों पर भेजते थे मरीज
तीन सदस्यीय टीम जांच में जुटी
आरोप सही मिलने पर होगी एफआईआर
चंदौली के बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल में अव्यवस्था फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सक्रिय दलालों की वजह से मरीजों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह के निर्देश पर ऐसे संदिग्ध लोगों को चिह्नित कर उनकी एक सूची तैयार की गई है, जिसे आगे की पुलिस कार्रवाई के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) को भेज दिया गया है।
12 से 15 संदिग्ध दलाल किए गए चिह्नित
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, अब तक करीब 12 से 15 ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है जो लगातार अस्पताल परिसर में मंडराते रहते थे। इन लोगों पर आरोप है कि ये दूर-दराज से आने वाले भोले-भाले मरीजों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी जांच केंद्रों, प्राइवेट मेडिकल स्टोरों और बाहर के डॉक्टरों के पास ले जाते थे। इस दलाली के खेल से न सिर्फ सरकारी अस्पताल की साख खराब हो रही थी, बल्कि मरीजों का आर्थिक शोषण भी हो रहा था।
तीन सदस्यीय जांच टीम के गठन के बाद तेज हुआ एक्शन
हाल ही में अस्पताल में मरीजों के साथ बदसलूकी, अनियमितताओं और दलालों के हावी होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट मोड पर आया और अस्पताल में निगरानी बढ़ाते हुए इन संदिग्ध तत्वों को बेनकाब करने का अभियान शुरू किया गया।
साक्ष्य जुटाकर तैयार की गई गोपनीय सूची
प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों या बाहरी दलालों की मिलीभगत से मरीजों से अवैध वसूली करने, बाहर की महंगी दवाएं लिखवाने और निजी पैथोलॉजी की तरफ भेजने की बातें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुख्ता सबूत और साक्ष्य जुटाकर यह सूची तैयार की गई है।
जांच के बाद होगी एफआईआर के साथ कार्रवाई
एएसपी को भेजी गई सूची के आधार पर पुलिस विभाग की ओर से चिन्हित लोगों की गोपनीय जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही साबित होने पर संबंधित दलालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परिसर को पूरी तरह दलाल मुक्त बनाना प्राथमिकता है, ताकि गरीब मरीजों को बिना किसी दबाव और शोषण के सरकारी इलाज का पूरा लाभ मिल सके।
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