भारत की जनगणना-2027: 1 दिसंबर से शुरू होगा दूसरा चरण, पहली बार मिलेगी 'स्व-गणना' की खास सुविधा
भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण की शुरुआत 1 दिसंबर से होने जा रही है। चंदौली में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि लोग मोबाइल ऐप से खुद भी अपनी गणना कर सकेंगे। जनगणना के दौरान किसी भी नागरिक से कोई कागजात नहीं मांगे जाएंगे।
1 दिसंबर से जनगणना-2027 का दूसरा चरण
पहली बार मिलेगी स्व-गणना की डिजिटल सुविधा
प्रक्रिया के दौरान नहीं मांगा जाएगा कोई दस्तावेज
परिवार से पूछे जाएंगे कुल 40 मुख्य सवाल
5 से 9 जनवरी 2027 तक होगा सत्यापन
चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण यानी 'जनसंख्या गणना' की तैयारियों को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की इस पांचवीं बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी व प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने की, जिसमें आगामी जनगणना की पूरी रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

1 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगा अभियान
बैठक में उप निदेशक जनगणना अजय कुमार ने बताया कि जनगणना एक संवैधानिक प्रक्रिया है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 (संघ सूची) और जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कराई जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना-2027 का द्वितीय चरण 1 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 4 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 के बीच आंकड़ों के सत्यापन (रिवीजन) का काम किया जाएगा।
मोबाइल ऐप से डिजिटल गणना और 40 सवाल
इस बार की जनगणना पहले से काफी अलग और आधुनिक होगी। इसमें मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल तरीके से आंकड़े जुटाए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि आम जनता को पहली बार स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा दी जाएगी, जिससे लोग खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परिवार और उसके सदस्यों से जुड़े कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे।
नागरिकों से नहीं मांगा जाएगा कोई दस्तावेज
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गणना के दौरान किसी भी नागरिक से कोई भी सरकारी दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं मांगा जाएगा। लोग जो भी जानकारी मौखिक रूप से देंगे या स्व-गणना के माध्यम से दर्ज करेंगे, उसी के आधार पर प्रपत्र भरा जाएगा।
व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रशिक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने अफसरों को निर्देश दिए कि स्व-गणना के लिए दिनवार योजना बनाएं और आम लोगों के बीच इसका जमकर प्रचार-प्रसार करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सकें। बैठक में प्रगणकों के प्रशिक्षण, गणना ब्लॉक बनाने और बेघर परिवारों की गिनती को लेकर भी रणनीति तय की गई। इस दौरान एडीएम, एसडीएम और समिति के सभी मुख्य अधिकारी मौजूद रहे।
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