बाल दिवस पर मानवता का उत्सव: SP आदित्य लांग्हे ने 14 दिव्यांगजनों को डैडीज इंटरनेशनल स्कूल में दी ट्राइसाइकिल
SP आदित्य लांग्हे ने बाल दिवस को बनाया खास
डैडीज इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों ने SP का गुलाब से किया स्वागत
14 विशेष सक्षम व्यक्तियों को मिली ट्राइसाइकिल
चंदौली जिले के कांटा विशुनपुरा स्थित डैडीज इंटरनेशनल स्कूल में बाल दिवस (14 नवंबर) के अवसर पर एक प्रेरणादायक और सामाजिक सरोकारों से भरा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 14 विशेष सक्षम (दिव्यांग) व्यक्तियों को ट्राइसाइकिल प्रदान कर, विद्यालय ने मानवता और समानता का संदेश दिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंदौली के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे (IPS) रहे, जिनका स्वागत स्कूल के बच्चों ने गुलाब के फूल भेंट करके किया।

दिव्यांगजनों को मिली 'नई शुरुआत'
ट्राइसाइकिल प्राप्त करने वाले लाभार्थी मवई, मुगलसराय, पेंटुआ और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों से विद्यालय पहुँचे थे। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने प्रत्येक लाभार्थी से न केवल संवाद किया, बल्कि उनकी समस्याओं को भी समझा। ट्राइसाइकिल पाकर इन दिव्यांगजनों के चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास की भावना साफ दिखाई दी। लाभार्थियों ने इस सहयोग को अपने जीवन में "नई शुरुआत" बताते हुए स्कूल प्रबंधन और पुलिस अधीक्षक के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

SP ने दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी आदित्य लांग्हे ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने दिव्यांगजनों को समाज की शक्ति बताते हुए कहा कि उन्हें सही अवसर और सहयोग की आवश्यकता है। साथ ही, उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपायों के बारे में जागरूक किया, जो बाल दिवस के अवसर पर उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक था।

शिक्षा और संवेदना का समन्वय
स्कूल के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने इस मानवीय पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का सही अर्थ केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में संवेदना और समानता की भावना जगाना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों को जीवन भर मानवता के मूल्य सिखाती हैं। ट्रस्ट के संरक्षक बंशीधर तिवारी ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सही दिशा देते हैं। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय श्रीवास्तव ने पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया।

बाल दिवस का यह अनोखा आयोजन, जिसने दिव्यांगजनों के जीवन में नई रोशनी और आत्मनिर्भरता की भावना जगाई, पूरे जिले के लिए एक सुंदर प्रेरणा का संदेश बन गया।

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