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स्कूल व कोचिंग चलाने वालों के लिए फरमान, ऐसी गलती पर सीधे रद्द हो जाएगी आपके स्कूल की मान्यता

चंदौली में मान्यता से हटकर बड़ी कक्षाएं चलाने वाले स्कूलों और स्कूल के समय में अवैध कोचिंग खोलने वालों के खिलाफ जिला विद्यालय निरीक्षक ने कड़े तेवर अपनाए हैं। नियम तोड़ने वाले संस्थानों की मान्यता सीधे रद्द की जाएगी।

 
 

नियम विरुद्ध चलने वाले स्कूल नपेंगे

स्कूल समय में कोचिंग चलाना गैरकानूनी

अमान्य कक्षाओं के संचालन पर रोक

आपसी मिलीभगत वाले स्कूलों पर एक्शन

सीधे यूपी बोर्ड को जाएगी रिपोर्ट

चंदौली जिले में शिक्षा विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाकर स्कूल और कोचिंग चलाने वालों के खिलाफ अब बहुत कड़ी कानूनी कार्रवाई होने जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के अलग-अलग गांवों से फोन और लिखित रूप में लगातार गंभीर शिकायतें मिल रही हैं। कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मान्यता छोटी कक्षा की, पढ़ा रहे बड़ी क्लास
शिकायतों में सामने आया है कि कई स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने बेसिक शिक्षा परिषद से सिर्फ कक्षा 1 से 5 या कक्षा 1 से 8 तक की ही मान्यता ले रखी है। लेकिन, वे अपने स्कूलों में नियम विरुद्ध तरीके से इससे आगे की ऊंची कक्षाएं भी धड़ल्ले से चला रहे हैं। इसके अलावा, कुछ कोचिंग संचालक भी कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराकर स्कूल के ही समय में कोचिंग का संचालन कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

आपसी मिलीभगत का भी हुआ पर्दाफाश
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि बिना मान्यता के चलने वाले इन शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों से करा दिया जाता है। यह सब स्कूलों की आपसी मिलीभगत और सेटिंग के कारण ही मुमकिन हो पा रहा है। इसी साठगांठ की वजह से इस प्रकार के नियम विरुद्ध और दंडात्मक कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है, जिस पर अब पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।

जांच सही मिली तो सीधे रद्द होगी मान्यता
विभाग ने साफ कर दिया है कि जांच या औचक निरीक्षण के दौरान अगर किसी भी स्कूल में मान्यता से अलग बड़ी कक्षाएं चलती मिलीं या बिना रजिस्ट्रेशन और स्कूल टाइम में कोचिंग चलती पाई गई, तो सख्त एक्शन होगा। ऐसे फर्जी छात्रों का रजिस्ट्रेशन जिस भी स्कूल में मिलेगा, उसकी मान्यता हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड), प्रयागराज को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इसके लिए स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य खुद जिम्मेदार होंगे।

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