बाढ़ से निपटने के लिए NDRF-SDRF ने कसी कमर, DM चंद्र मोहन गर्ग की देखरेख में हुई बड़ी मॉक ड्रिल
चन्दौली में मानसून से पहले बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल किया। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने खुद मौके पर रहकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की तैयारियों को परखा।
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने किया निरीक्षण
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का संयुक्त अभ्यास
नाव पलटने और पर्यटकों के बहने का रिहर्सल
राहत और पशु शिविरों की हुई स्थापना
लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी
चंदौली जिले में मानसून के आने से पहले बाढ़ और जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। गुरुवार, 11 जून 2026 को प्रशासन द्वारा नदी के तटीय और बाढ़ के प्रति संवेदनशील इलाकों में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल यानी पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया। इसका मुख्य मकसद यह देखना था कि अगर अचानक बाढ़ आ जाए, तो हमारा राहत और बचाव तंत्र कितनी तेजी से काम करता है।

डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने खुद संभाली कमान, परखा सुरक्षा बलों का दम
इस पूरे पूर्वाभ्यास का निरीक्षण खुद जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सदर के पड़या गांव में मौके पर मौजूद रहकर किया। इस मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीमों ने एक साथ मिलकर हिस्सा लिया। डीएम ने कहा कि इस अभ्यास का मकसद यही है कि मुसीबत के समय रेस्क्यू का काम बिना किसी देरी के तुरंत शुरू किया जा सके।

जब अचानक पलट गई नाव और बहने लगे पर्यटक
मॉक ड्रिल के दौरान अलग-अलग तहसीलों में कई तरह के संकट भरे हालात का लाइव रिहर्सल किया गया। सकलडीहा तहसील के पसहटा गांव में गंगा नदी का पानी भरने के बाद लोगों को खोजने, राहत शिविर, बाढ़ चौकी, पशु शिविर और फील्ड हॉस्पिटल बनाने का अभ्यास हुआ। वहीं, लतीफ शाह वीयर में अचानक आई बाढ़ में पर्यटकों के फंसने और बहने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इसके अलावा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के बहादुरपुर गांव में बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को निकालते समय नाव पलटने का भी मॉक ड्रिल किया गया।
बबुरी मार्ग कटने पर रूट डायवर्जन और रिसाव रोकने का अभ्यास
अभ्यास के दौरान चन्दौली-बबुरी मार्ग के बाढ़ के पानी से कट जाने पर रास्ते को दोबारा शुरू करने और ट्रैफिक डायवर्ट करने का रिहर्सल हुआ। बांध में पानी बढ़ने से होने वाले रिसाव को रोकने और आसपास की आबादी को अलर्ट करने की ट्रेनिंग भी दी गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाव, मोटर बोट, लाइफ जैकेट और जीवन रक्षक उपकरणों के साथ सभी आपदा मित्र मुस्तैद रहें। नेटवर्क फेल होने पर वायरलेस और सैटेलाइट फोन को चालू रखने को कहा गया।
लापरवाही पर मिलेगी सजा, ग्रामीणों को भी करेंगे जागरूक
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि आपदा प्रबंधन के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को भी जागरूक किया जाए ताकि संकट के समय वे घबराएं नहीं और अपनी सुरक्षा कर सकें। चन्दौली प्रशासन की इस एडवांस प्लानिंग से मानसून के दौरान जान-माल के नुकसान को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।
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