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चंदौली में डिजिटल जनगणना के लिए जिलाधिकारी ने किया प्रशिक्षण का उद्घाटन, 1000 कर्मी सीखेंगे बारीकियां

चंदौली के सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में डिजिटल जनगणना हेतु तीन चरणों वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज़ हुआ। जिलाधिकारी ने 1000 प्रगणकों को डेटा संग्रहण और तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षित कर जनगणना कार्य को पूरी सटीकता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया।

 
 

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने किया उद्घाटन

29 अप्रैल तक चलेगा डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम

1000 कर्मियों को दी जाएगी तकनीकी जानकारी

हाउस लिस्टिंग के 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मंथन

आंकड़ों की सटीकता के लिए डिजिटल माध्यम पर जोर

चंदौली जिले के सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज के सभागार में गुरुवार को डिजिटल जनगणना के महाअभियान हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने फीता काटकर दीप प्रज्वलित किया और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की शुरुआत की। उन्होंने उपस्थित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल जनगणना आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसे पूरी जिम्मेदारी और सावधानी के साथ पूरा किया जाना चाहिए।

तीन चरणों में 29 अप्रैल तक चलेगा प्रशिक्षण
प्रशासनिक योजना के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के कुल 1000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण की रूपरेखा को तीन अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है:---

प्रथम चरण: वर्तमान में 370 कर्मचारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

द्वितीय चरण: इसके तुरंत बाद अगली शिफ्ट में पुनः 370 कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

तृतीय चरण: अंतिम चरण में शेष 250 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 

यह पूरा कार्यक्रम 29 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होगा।

हाउस लिस्टिंग के 34 बिंदुओं पर विशेष फोकस
सदर तहसीलदार ने प्रशिक्षण की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस बार जनगणना का स्वरूप पूरी तरह डिजिटल होगा। प्रगणकों को मुख्य रूप से 'हाउस लिस्टिंग' के अंतर्गत 34 बिंदुओं पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान की स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं (बिजली, पानी, शौचालय) और अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का डेटा मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से एकत्र करना शामिल है।

पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा सर्वोपरि
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए फील्ड में जाने से पहले सभी तकनीकी शंकाओं का समाधान इसी प्रशिक्षण केंद्र में कर लिया जाए। डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण होने के कारण आंकड़ों के विश्लेषण में समय की बचत होगी और नीति निर्धारण में आसानी होगी। कार्यक्रम के दौरान राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने फील्ड वर्क के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की।

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