चंदौली में गर्मी का अलर्ट: पारा 42 डिग्री के पार, DM ने जारी की 'लू' से बचाव की गाइडलाइन
जनपद चंदौली में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुँचने के साथ ही भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का प्रकोप शुरू हो गया है। जिलाधिकारी ने आम जनमानस को सुरक्षित रहने के लिए विशेष सावधानी बरतने और खान-पान में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
चंदौली में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुँचा
दोपहर के समय खिड़कियों पर रिफ्लेक्टर और काले पर्दों का करें प्रयोग
संतुलित, हल्का भोजन करें और बासी खाने से पूरी तरह बचें
शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर बढ़ता है लू का खतरा
बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें
चंदौली जनपद में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गर्मी का सितम और बढ़ने वाला है। वर्तमान में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि जब तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक (37°C से ऊपर) हो जाता है, तो वह 'हीटवेव' या 'लू' की स्थिति होती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है और जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

घर को कैसे रखें ठंडा?
जिलाधिकारी ने सुझाव दिया है कि बाहर की गर्मी को घर के अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियों पर रिफ्लेक्टर, एल्युमीनियम पन्नी या गत्ते लगाएं। जिन दरवाजों और खिड़कियों से दोपहर में सीधी धूप आती है, वहां काले पर्दों का प्रयोग करें। साथ ही, जहाँ तक संभव हो दिन के समय घर की निचली मंजिल पर रहें क्योंकि वहां ऊपरी मंजिल की तुलना में ठंडक रहती है।

खान-पान और व्यक्तिगत सुरक्षा
भीषण गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए डीएम ने निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि लोग लू से बच सकें....
भोजन के बारे में : संतुलित, हल्का और नियमित भोजन करें। बासी भोजन का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
पेय पदार्थों का सेवन : घर में लस्सी, छाछ, बेल का शरबत, नमक-चीनी का घोल (ORS), नींबू पानी और आम का पना जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें।
धूप में बाहर निकलने पर सावधानी : बाहर निकलते समय सिर और शरीर को कपड़े या टोपी से ढकें। मादक पदार्थों और शराब के सेवन से दूर रहें क्योंकि ये शरीर को निर्जलित (Dehydrate) करते हैं।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधिक उम्र के व्यक्ति, हृदय रोगी, अनियंत्रित मधुमेह (Diabetes), मोटापे से ग्रस्त लोग और पार्किंसन रोग के मरीजों को लू से विशेष बचाव की जरूरत है। इसके अतिरिक्त, मानसिक रोग की औषधि या डाययूरेटिक दवाएं लेने वाले व्यक्तियों को भी सावधान रहना चाहिए। बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, यह जानलेवा हो सकता है।
लू के लक्षण और गंभीर प्रभाव
लू लगने पर त्वचा का लाल और शुष्क होना, पसीना न आना, तेज पल्स, सिरदर्द, भ्रम की स्थिति, मिचली, चक्कर आना और मूत्र की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि उच्च तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों, विशेषकर मस्तिष्क को नुकसान पहुँच सकता है और उच्च रक्तचाप की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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