अस्पताल में सब 'ऑल इज वेल': रात 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे डीएम, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
चंदौली डीएम का जिला अस्पताल निरीक्षण
रात 10 बजे अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी
मरीजों से बातचीत कर लिया फीडबैक
डॉक्टरों और स्टाफ को दी हिदायत
दवाओं और खाने की गुणवत्ता जांची
चंदौली जिले के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्वास्थ्य सेवाओं का सच जानने के लिए अचानक कदम बढ़ाया। 02 सितंबर की रात करीब 10:20 बजे वे बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल पहुंचे। इस औचक निरीक्षण से अस्पताल परिसर और वहां मौजूद स्टाफ में हड़कंप मच गया।
हर वार्ड का लिया जायजा
रात के समय पहुंचे डीएम ने अस्पताल के अलग-अलग विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, नेत्र कक्ष समेत कई पटलों पर जाकर व्यवस्थाएं देखीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जाना कि मरीजों को किस तरह का इलाज मिल रहा है, डॉक्टर समय पर मौजूद हैं या नहीं और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं।
मरीजों से सीधे की बातचीत
डीएम साहब ने केवल कागजों या अधिकारियों के बयानों पर भरोसा नहीं किया, बल्कि भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के पास जाकर खुद बातचीत की। उन्होंने मरीजों से अस्पताल की सुविधाओं, डॉक्टरों के व्यवहार और दवा मिलने के बारे में सीधा फीडबैक लिया। उन्होंने साफ कहा कि हर मरीज को पारदर्शी और सही समय पर इलाज मिलना पहली प्राथमिकता है।

खाने और दवाओं की जांच के आदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कैंटीन में मरीजों के लिए बनने वाले भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैंटीन में बिकने वाले पैकेज्ड फूड की एक्सपायरी डेट पर सख्त नजर रखी जाए। इसके अलावा डॉक्टरों की मौजूदगी, मशीनों की कार्यशीलता और दवाओं की पर्याप्त सप्लाई हमेशा बनाए रखने की हिदायत दी।
लापरवाही पर मिलेगी सख्त सजा
डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परितोष मिश्रा और मौजूद अन्य डॉक्टरों को जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मरीजों के इलाज या सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सीएमओ समेत कई अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
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